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वेडिंग कार्ड या प्री-वेडिंग वीडियो? एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

Online Cyber Fraud: शादी के सीजन में साइबर ठग अब नकली वेडिंग कार्ड, होटल वेन्यू और प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं. राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम विंग R4C ने चेतावनी दी है कि संदिग्ध APK फाइल या फिशिंग लिंक डाउनलोड करने से मोबाइल का निजी और बैंकिंग डेटा खतरे में पड़ सकता है. पुलिस ने अनजान ऐप इंस्टॉल नहीं करने और संदिग्ध मैसेज की पहले पुष्टि करने की सलाह दी है.

Written By Ansh Raj
Published: Oct 06, 2026, 09:28 AM IST | Updated: Oct 06, 2026, 09:29 AM IST
Image Credit: Online Wedding Card Scam
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Online Wedding Card Scam: शादी का सीजन शुरू होते ही साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है. अब ठग वेडिंग कार्ड, होटल वेन्यू और प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो के नाम पर WhatsApp और सोशल मीडिया के जरिए संदिग्ध लिंक और APK फाइल भेज रहे हैं. राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम विंग R4C ने आमजन को इस तरह के मैसेज से सावधान रहने की अपील की है. पुलिस के मुताबिक, शादी का डिजिटल कार्ड देखने के लिए किसी APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होती. ऐसे मैसेज के साथ भेजी गई संदिग्ध फाइल मोबाइल में मैलवेयर पहुंचा सकती है.

एक क्लिक से निजी डेटा पर खतरा
साइबर ठग लोगों को मैसेज भेजकर कह सकते हैं कि ‘शादी का कार्ड और होटल का पता भेजा है, जरूर देखना’ या फिर ‘प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो हैं, खोलकर देखो.’ इसके साथ APK फाइल या संदिग्ध लिंक दिया जा सकता है. ऐसी फाइल इंस्टॉल होने के बाद मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है. SMS, OTP, फोटो, कॉन्टैक्ट और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तक साइबर अपराधियों की पहुंच का जोखिम हो सकता है. इसलिए बिना पुष्टि किसी भी फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए.

परिचित के नंबर से आए मैसेज पर भी रहें अलर्ट
साइबर ठगों का तरीका इतना शातिर हो सकता है कि मैसेज किसी परिचित के WhatsApp नंबर से भी आ सकता है. अगर किसी व्यक्ति का अकाउंट हैक हो गया है तो अपराधी उसके संपर्कों को मैसेज भेजकर संदिग्ध लिंक या फाइल खोलने के लिए कह सकते हैं. इसलिए परिचित के नंबर से आया कोई संदिग्ध मैसेज भी तुरंत भरोसे के साथ नहीं खोलना चाहिए. पहले संबंधित व्यक्ति को फोन करके मैसेज की पुष्टि करना बेहतर है.

R4C ने दी ये सावधानियां
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने सलाह दी है कि शादी के कार्ड या वीडियो के नाम पर APK फाइल डाउनलोड न करें. मोबाइल में Install Unknown Apps/Unknown Sources को बंद रखें. संदिग्ध लिंक पर बैंकिंग डिटेल, मोबाइल नंबर या OTP दर्ज न करें. अगर गलती से संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद या फोन को फ्लाइट मोड पर करने, ऐप हटाने और मोबाइल को स्कैन करने की सलाह दी गई है.

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
अगर साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें. राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क के लिए 9256001930 और 9257510100 नंबर भी जारी किए गए हैं.

 

 

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About the Author

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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