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सीपी जोशी का बड़ा सियासी बयान, बोले- 'जयपुर वाले भले ही नाराज हों, मैं राज्य के मामलों में दखल नहीं देता'

चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने बेगूं में कहा कि वो जिले के विकास के लिए वे विधायक के साथ मिलकर काम करेंगे और पार्षदों से सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की अपील की.

Written By Zee Rajasthan Web Team
Published: Oct 27, 2026, 03:40 PM IST | Updated: Oct 27, 2026, 04:11 PM IST
Image Credit: सीपी जोशी बयान
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चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं में नगरपालिका के भाजपा बोर्ड के पदभार ग्रहण समारोह में पहुंचे सांसद सीपी जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ दिनों पहले किसी ने उनसे कहा कि जयपुर वाले आपसे नाराज है. इस पर मैंने कहा कि मैं फैसलों से दूर रहता हूं. मैंने तय किया है कि अगले दो साल जयपुर की तरफ देखूंगा भी नहीं और न ही जाऊंगा.

सांसद सीपी जोशी ने आगे कहा कि वैसे भी मैं स्टेट के कामों में दखल नहीं देता, लेकिन जिले के विकास की बात होगी तो विधायक और हम दोनों मिलकर काम करेंगे. सांसद ने कहा कि उन्हें अच्छा लगा कि विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ अपनी टीम के साथ मिलकर सामूहिक रूप से निर्णय करते हैं.

 उन्होंने कहा कि नगर निकाय में भी उन्होंने यही बात कही थी कि जब स्थानीय टोली मिलकर काम करती है तो फैसले भी अच्छे होते हैं और परिणाम भी बेहतर आते हैं. सीपी जोशी ने पार्षदों से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए सेतु की भूमिका निभाने की अपील की.
 

सांसद सीपी जोशी ने कहा कि जिन लोगों को, जिन राजनीतिक दलों को, जिन नेताओं को देश की जनता ने नकार दिया, उन्होंने देश की ऐसी ताकतों को भी खड़ा किया , कि यहां हम लोग कुछ अस्थिरता पैदा करें, वहां भी नहीं चली तो उन्होंने दुनिया की उन ताकतों का सहारा लिया, जो हमारे यहां अस्थिरता पैदा कर सकें. लेकिन उनको नहीं पता कि दिल्ली की कुर्सी पर 56 इंच के सीने वाला प्रधानमंत्री बैठा है, जिनके साथ देश की 140 करोड़ जनता का आशीर्वाद है. जोशी ने कहा कि "आज भारत सरकार और राजस्थान सरकार मिलकर कई काम कर रहे हैं, ये विश्वास एक दिन में खड़ा नहीं होता, ये विश्वास खड़ा होता है कि जो काम आजादी से लेकर इतने वर्षों तक नहीं हुआ.

सांसद सीपी जोशी ने ये भी कहां कि लोग कहते थे कि पहले हिंदुस्तान को किस दृष्टि से देखा जाता था ? दुनिया कहती थी उसका अनुसरण भारत करता था, लेकिन इन 12 वर्षों में पहली बार अनुभव आया कि भारत के प्रधानमंत्री कहते हैं, कि 21 जून को योग दिवस मनाना चाहिए, तो दुनिया के 193 देश योग दिवस को मनाते हैं, आत्मसात करते हैं. भारत के प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसानों की जो वर्षों पुरानी हमारा श्री अन्न है कि हम इस वर्ष मिलेट ईयर मनाएंगे तो पूरी दुनिया उसको मिलेट ईयर मनाती है. ये भारत की ताकत पूरी दुनिया देख रही है

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