Bundi Hospital: बूंदी जनाना अस्पताल में 4 प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत, 2 की मौत से मचा हड़कंप
Bundi Hospital: बूंदी के जनाना अस्पताल में चार गर्भवती महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और इनमें से दो की कोटा में इलाज के दौरान मौत के बाद हड़कंप मच गया. कविता कुमावत की मौत के बाद कुमावत समाज ने चिकित्साकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है. प्रशासन ने जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं और अस्पताल की ओटी बंद कर दी गई है.
Rajasthan Hospital News: बूंदी के जनाना अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत का मामला सामने आने के बाद चिकित्सा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. घटना के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग में भी हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल की ओटी बंद कर दी गई है और जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं.
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी कविता की हालत
जानकारी के अनुसार 16 सितंबर को जनाना अस्पताल में ऑपरेशन के बाद कविता कुमावत की तबीयत अचानक बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि उन्हें अधिक ब्लीडिंग की शिकायत हुई. हालत गंभीर होने पर उन्हें कोटा रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान कविता कुमावत की मौत हो गई. इसी घटनाक्रम में अन्य गर्भवती महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है. इनमें से कुल दो महिलाओं की कोटा में उपचार के दौरान मौत बताई जा रही है.
कुमावत समाज ने सौंपा ज्ञापन
कविता कुमावत की मौत के बाद क्षत्रिय कुमावत युवा शक्ति समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. समिति ने चिकित्साकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इसके साथ ही मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग भी रखी गई है. समिति ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.
अस्पताल पहुंचे ADM, रिपोर्ट के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए ADM एचडी सिंह जनाना अस्पताल पहुंचे. उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से भी मामले को लेकर बातचीत की. ADM ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं.
ओटी बंद, लिए जाएंगे सैंपल
घटना के बाद जनाना अस्पताल की ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को बंद कर दिया गया है. जांच के लिए सैंपल भी लिए जाएंगे. प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने मामले की जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं. टीमें अस्पताल में हुई पूरी प्रक्रिया, उपचार और महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के कारणों की जांच करेंगी.
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी जिम्मेदारी
जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. फिलहाल महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और मौत के वास्तविक कारणों को लेकर जांच जारी है. प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना के कारणों और किसी की जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. मामले में कुमावत समाज के जिला अध्यक्ष रामबाबू कुमावत ने भी कार्रवाई की मांग उठाई है.