नसीमा बानो की हार पर गरमाई सियासत: माइनॉरिटी नेताओं की शिकायत पर डोटासरा बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई
Bikaner News: बीकानेर उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नसीमा बानो की हार का मामला प्रदेश कांग्रेस तक पहुंच गया है. अल्पसंख्यक नेताओं से मुलाकात के बाद गोविंद सिंह डोटासरा ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही.
Bikaner News: बीकानेर से बड़ी सियासी खबर सामने आई है. नगर निगम बीकानेर के उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नसीमा बानो की हार का मामला अब प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंच गया है. नगर निगम में कांग्रेस के स्पष्ट बहुमत के बावजूद पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी को मिली हार के बाद कथित क्रॉस वोटिंग और इसके कारणों को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठ रहे हैं. इसी मामले को लेकर अल्पसंख्यक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग रखी.
अल्पसंख्यक नेताओं ने डोटासरा के सामने रखा पक्ष
अल्पसंख्यक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता शब्बीर अहमद, आजम अली और मेहराज खान शामिल रहे. प्रतिनिधिमंडल ने PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के सामने उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की हार और कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर अपना पक्ष रखा.
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नेताओं ने कहा कि बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद नसीमा बानो की हार से अल्पसंख्यक समाज में नाराजगी है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा रहा है. ऐसे में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की हार के कारणों की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए.
42 कांग्रेस पार्षद, फिर भी मिले 38 वोट
बीकानेर नगर निगम के 80 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के 42 पार्षद हैं. इसके बावजूद 22 सितंबर को हुए उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नसीमा बानो को 38 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी पंकज गहलोत को 40 वोट मिले. एक वोट निरस्त हुआ और एक वोट नोटा में गया. इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने दो वोट के अंतर से चुनाव जीत लिया.
चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस के भीतर यह सवाल उठने लगा कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को उसके घोषित संख्याबल के अनुरूप वोट क्यों नहीं मिले. कांग्रेस की ओर से इसे कथित क्रॉस वोटिंग से जोड़कर जांच की मांग की जा रही है. हालांकि मतदान गुप्त होने के कारण फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं है कि किस पार्षद ने किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया.
डोटासरा बोले, तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
मुलाकात के दौरान PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रतिनिधिमंडल को पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि मामले की पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जांच समिति गठित की जाएगी. समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को देगी.
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डोटासरा ने साफ संदेश दिया कि पार्टी में अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नेता कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो, जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मंत्री, पार्षद, विधायक या पार्टी पदाधिकारी होने के बावजूद किसी को कार्रवाई से नहीं बख्शा जाएगा. डोटासरा ने प्रतिनिधिमंडल से कहा, “मैं आपके साथ हूं, आपके साथ जो अन्याय हुआ है, उस पर मेरी पूरी नजर है.” उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्षता से पड़ताल कराई जाएगी.
विधायक सुशील रामेश्वर डूडी ने भी जांच की बात कही
इस मामले में विधायक सुशील रामेश्वर डूडी ने भी जांच कराने की बात कही है. डूडी ने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. वहीं पीलीबंगा प्रभारी साबिर सहित कई नेता भी इस दौरान मौजूद रहे. नसीम बानो की हार के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर जांच को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की ओर से पहले भी निकाय चुनावों में क्रॉस वोटिंग और पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान से जुड़ी शिकायतों पर रिपोर्ट मांगी गई है. बीकानेर समेत कुछ अन्य निकायों में सामने आए घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है.
महापौर चुनाव के आंकड़ों ने भी बढ़ाए सवाल
बीकानेर उपमहापौर चुनाव में वोटों का अंतर इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इससे पहले महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने 80 सदस्यीय सदन में 50 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. इसके मुकाबले उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी नसीमा बानो को 38 वोट ही मिले. यानी दोनों चुनावों के मतदान में बड़ा अंतर सामने आया. कांग्रेस के लिए यही अंतर अब जांच का अहम बिंदु बन गया है. पार्टी यह जानना चाहती है कि उपमहापौर चुनाव में उसके प्रत्याशी के पक्ष में अपेक्षाकृत कम वोट आने के पीछे वास्तविक कारण क्या रहे.
हालांकि महापौर चुनाव और उपमहापौर चुनाव के मतदान के आंकड़ों में अंतर सामने आया है, लेकिन गुप्त मतदान होने के कारण किसी विशेष पार्षद के बारे में यह आधिकारिक रूप से नहीं कहा जा सकता कि उसने किसके पक्ष में मतदान किया.
जांच रिपोर्ट पर टिकी कांग्रेस नेताओं की नजर
अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की नजर प्रदेश कांग्रेस की तीन सदस्यीय जांच समिति पर है. समिति यह पड़ताल करेगी कि नसीमा बानो की हार के पीछे वास्तविक कारण क्या रहे और क्या पार्टी के किसी पार्षद ने अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया.
फिलहाल कथित क्रॉस वोटिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. कांग्रेस नेतृत्व ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है. ऐसे में समिति की रिपोर्ट बीकानेर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी.