बाड़मेर के मंजूर खान मांगणियार को उस्ताद बिस्मिल्ला खां पुरस्कार
रेगिस्तान की रेतीली हवाओं में गूंजती वो सुरीली तान, जिसने आज देश की राजधानी में अपनी धमक से सबका दिल जीत लिया है. बाड़मेर के युवा लोक कलाकार मंजूर खान मांगणियार को प्रतिष्ठित 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2024' से नवाजा गया है. बिना किसी चकाचौंध के सिर्फ अपनी मेहनत और पुश्तैनी साज़ के दम पर थार की माटी का मान बढ़ाने वाले मंजूर खान ने बताया कि उनका संगीत का ये सफर कैसा रहा.
पश्चिमी राजस्थान की समृद्ध लोक संगीत परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले बाड़मेर के युवा लोक कलाकार मंजूर खान मांगणियार को संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित 'उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2024' से सम्मानित किया गया है. आपको बता दें कि सम्मान संगीत के क्षेत्र में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार , खासतौर पर युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है. पुरुस्कार मिलने के बाद मंजूर खान ने अपनी जिंदगी के सफर, संघर्ष और संगीत के सफर के बारे में ज़ी मीडिया से खास बातचीत की.
सवाल : पहली बार हाथ में साज़ कब थामा था ?
जवाब : बचपन से ही घर में लोक संगीत गाया जाता था. अपने बुजुर्गों को उस्तादों को गाते-बजाते सुनकर संगीत को लेकर लगाव बचपन में ही बढ़ गया था. मैं सबसे पहले ढोलक बजाना शुरू कर चुका था. धीरे-धीरे इसी साज़ के साथ आगे बढ़ाता गया और इसी साज़ ने मुझे उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार दिलाया है.
सवाल : जब दिल्ली से इस राष्ट्रीय पुरस्कार की खबर मिली, तो पहला रिएक्शन क्या था ? और सबसे पहले किसे फोन किया ?
जवाब : ये मेरे लिए गर्व और भावुकता का पल था. सबसे पहले मैंने अपने गुरु उस्ताद गफूर खान जी झामफली को फोन करके ये खुशखबरी सुनाई. उन्ही का सिखाया हुआ है सब.
सवाल : जब आप कोई धुन बजाते हैं तो सबसे अच्छा कब लगता है ?
जवाब : जब कोई विदेशी सैलानी बिना हमारी भाषा को समझे ही हमारी धुन और ताल पर नाचता है खुश होता है, तब अहसास होता है कि हमारी लोक कला की पहचान पूरी दुनिया में है.
सवाल : आजकल के युवाओं को क्या संदेश है ?
जवाब : मैं युवाओं से यही कहना चाहूंगा कि फ्यूजन और वेस्टर्न म्यूजिक सीखना अच्छी बात है. लेकिन अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए. ढोलक, कमायचा, खड़ताल और मोरचंग जैसे हमारे वाद्ययंत्रों की अपनी एक अलग पहचान और मिठास है. युवाओं को इन्हे भी सीखना और आगे बढ़ाना चाहिए.