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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत आज जोधपुर पहुंचे. गहलोत ने प्रदेशवासियों और जोधपुरवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि दीपावली का पर्व सभी परिवारों के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली लेकर आए, यही उनकी कामना है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच सम्मानजनक संबंध बने रहने चाहिए. उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा वरिष्ठ नेताओं से यही सीखा है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान बना रहना चाहिए.
गहलोत ने किया पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को याद
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने भजनलाल शर्मा से मुलाकात की थी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ अपने संबंधों का भी उदाहरण दिया था. उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की आलोचना करना है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर इस तरह के आरोपों की उम्मीद नहीं थी. मुख्यमंत्री के बयान से उन्हें व्यक्तिगत रूप से पीड़ा पहुंची है, क्योंकि उनके मन में मुख्यमंत्री के प्रति लगाव और सम्मान का भाव था. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके पुराने राजनीतिक जीवन और खाद-बीज की दुकान से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पांच वर्ष की उम्र में खाद की दुकान खोली थी, तब मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि वहां नकली खाद-बीज बिकते थे या कोई गलत काम हुआ था ? गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस तरह के आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी दोहराई.
भाजपा की रैलियों में भीड़ नहीं आती- गहलोत
गहलोत ने भाजपा की ओर से लोकतंत्र बचाओ और अराजकता मिटाओ जैसे मुद्दों पर निकाली जा रही रैलियों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पिछले 80 वर्षों में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए रैली कर रहा है और सत्ता पक्ष उसके जवाब में काउंटर रैली निकाल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की रैलियों में भीड़ नहीं जुटने के कारण सरकार और पार्टी के नेता बौखलाहट में हैं. उन्होंने कहा कि रैलियों के दौरान वीआईपी रूट, ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य व्यवस्थाओं से आम जनता और व्यापारियों को परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की रैली को लेकर व्यापारियों की परेशानी का हवाला दिया जा रहा था, तब राहुल गांधी ने जवाब दिया था, लेकिन अब भाजपा खुद प्रदेशभर में रैलियां कर रही है.
गहलोत ने अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1980-81 के दौरान भी उनके खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए गए थे. उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में आरोप लगते रहे हैं और वे इन परिस्थितियों के आदी हैं. इसके बावजूद वे तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री और तीन बार केंद्रीय मंत्री बने. उन्होंने इसके लिए प्रदेश की जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व का आभार जताया. गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से उन्हें राजनीतिक रूप से कोई धक्का नहीं लगा, बल्कि व्यक्तिगत संबंधों के कारण पीड़ा हुई है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों का सम्मान सभी प्रदेशवासियों को करना चाहिए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों.