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Alwar News: अरावली विहार थाना क्षेत्र से करीब 35 लाख रुपये कीमत की दवाइयों से भरा ट्रक गायब होने के मामले में पुलिस ने महज 12 घंटे में ट्रक को बरामद कर लिया. ट्रक में दवाइयों की 182 पेटियां लदी हुई थीं, जिनमें करीब 294.50 लाख कैप्सूल थे. पुलिस ने ट्रक के साथ दवाइयों का पूरा माल भी बरामद कर लिया है. मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और ट्रक की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर जानकारी जुटाई.
17 सितंबर को फैक्ट्री से भेजी गई थी खेप
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को सुनील हेल्थ केयर कैप्सूल फैक्ट्री से करीब 35 लाख रुपये कीमत की 182 पेटियां एक ट्रक में लोड की गई थीं. ट्रक ट्रांसपोर्टर अजय यादव का बताया जा रहा है. दवाइयों की यह खेप हरियाणा के महीपालपुर स्थित विभिन्न दवा निर्माता कंपनियों को सप्लाई के लिए भेजी गई थी. यह खेप चालक रोहिताश के जरिए निर्धारित स्थान तक पहुंचाई जानी थी.
तय स्थान पर पहुंचने से पहले गायब हुआ ट्रक
दवाइयों से भरा ट्रक निर्धारित स्थान पर पहुंचने से पहले ही रास्ते से गायब हो गया. जब ट्रक तय स्थान पर नहीं पहुंचा तो दवा की खेप को लेकर जानकारी जुटाई गई. ट्रक के गायब होने की सूचना मिलने पर अरावली विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी. पुलिस के सामने ट्रक के साथ उसमें लदी दवाइयों की खेप को सुरक्षित बरामद करने की चुनौती थी.
आसूचना तंत्र और मुखबिरों से जुटाई जानकारी
पुलिस टीम ने ट्रक की तलाश के लिए आसूचना तंत्र को सक्रिय किया. इसके साथ ही मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर भी ट्रक का पता लगाने का प्रयास किया गया. पुलिस टीम लगातार संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाती रही. जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने ट्रक की लोकेशन और उसे छिपाए जाने की जगह तक पहुंचने की कोशिश की.
जंगल में पेड़ों की ओट में मिला ट्रक
करीब 12 घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली. पुलिस ने ट्रक को जंगल के एक सुनसान इलाके में पेड़ों की ओट में छिपी हालत में बरामद कर लिया. ट्रक के साथ उसमें लदी दवाइयों की पूरी खेप भी सुरक्षित मिल गई. इस तरह करीब 35 लाख रुपये कीमत का दवा माल पुलिस ने बरामद कर लिया. 182 पेटियों में लदी दवाइयों को भी सुरक्षित बरामद किया गया.
ट्रक गायब करने के पीछे कौन, जांच जारी
ट्रक बरामद होने के बाद अब पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है. जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दवाइयों से भरे ट्रक को रास्ते से किस उद्देश्य से गायब किया गया था. इसके साथ ही ट्रक को जंगल के सुनसान इलाके में छिपाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस वाहन मालिक और ट्रक चालक की तलाश कर रही है.
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में की गई. ट्रक और दवाइयों की पूरी खेप बरामद होने के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रक के गायब होने की पूरी घटना किस तरह हुई. फिलहाल मामले में अनुसंधान जारी है और जांच पूरी होने के बाद इससे जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकता है.