केरल के चडयमंगलम में स्थित जटायु अर्थ सेंटर दुनिया की सबसे बड़ी पक्षी प्रतिमा है. जानिए उस पौराणिक पहाड़ी का सच, जहां रामायण काल में माता सीता को बचाते हुए जटायु और रावण के बीच युद्ध हुआ था.
रामायण की कथाएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये साहस, निष्ठा और बलिदान के अद्भुत पाठ भी सिखाती हैं. ऐसा ही एक अविस्मरणीय पात्र है पक्षीराज जटायु का, जिन्होंने त्रेता युग में जब रावण माता सीता का हरण करके उन्हें पुष्पक विमान से लंका ले जा रहा था, तब उनकी रक्षा के लिए खगराज जटायु ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी.
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कैसे पहुंचें जटायु अर्थ्स सेंटर?
जटायु अर्थ्स सेंटर तक पहुंचना काफी आसान है. यह केरल के कोल्लम शहर से लगभग 38 किलोमीटर और राजधानी तिरुवनंतपुरम से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां जाने के लिए हम रेल और हवाई मार्ग दोनों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है.
रेल मार्ग: नजदीकी बड़े रेलवे स्टेशनों में कोल्लम जंक्शन और तिरुवनंतपुरम सेंट्रल शामिल हैं, जहां से टैक्सी या बस के जरिए आसानी से चडयमंगलम पहुंचा जा सकता है.
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रावण को रोकने के लिए जटायु ने पूरी ताकत लगा दी
हिन्दू महाकाव्य राम चरित मानस के मुताबिक, जब लंकापति रावण माता सीता का अपहरण करके ले जा रहा था, तब जटायु ने निडर होकर उसे रोकने की कोशिश की. इस भीषण युद्ध में रावण ने तलवार से जटायु के पंख काट दिए. बुरी तरह घायल होने के बावजूद जटायु ने अपनी अंतिम सांसों तक भगवान श्रीराम का इंतजार किया और उन्हें माता सीता जी के अपहरण की सही जानकारी दी.
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Ramayan-Movie-Video-Grab: तिरुवनंतपुरम से करीब 50 किलोमीटर दूर यह विशाल मूर्ति प्रकृति और इंसान की कलात्मक सोच का बेहतरीन संगम पेश करती है.
जटायु की इस मूर्ति की लंबाई: 200 फीट
चौड़ाई: 150 फीट
ऊंचाई: 70 फीट
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कैसे साकार हुआ यह सपना?
Ramayan Movie Video Grab: इस भव्य और अद्भुत मूर्तिकला की परिकल्पना प्रसिद्ध मूर्तिकार और फिल्म निर्माता राजीव अंचल ने की थी. इसे बनाने में लगभग 10 साल का लंबा समय लगा और आखिरकार साल 2018 में इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया.
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रावण से युद्ध के बाद जटायु ने भगवान श्रीराम की बाहों में दम तोड़ा
Ramayan-Movie Video Grab: जब रावण माता सीता का अपहरण करके ले जा रहा था, तब रावण ने युद्ध के दौरान उसके पंख काट दिए थे. इस मूर्ति को जटायु के उन्हीं अंतिम पलों को दर्शाते हुए बनाया गया है. विशालकाय मूर्ति में जटायु को दर्द से तड़पते और जमीन पर लेटे हुए दिखाया गया है, जो उनके अदम्य साहस का प्रतीक है.
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केरल के कोल्लम जिले के चडयमंगलम में बना 'जटायु अर्थ्स सेंटर' इसी महान पौराणिक पात्र को एक अनोखी श्रद्धांजलि देता है. यहां एक चट्टानी पहाड़ी के ऊपर दुनिया की सबसे बड़ी पक्षी की मूर्ति बनाई गई है, जो दूर-दूर से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है.
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रावण को रोकने के लिए जटायु ने पूरी ताकत लगा दी
हिन्दू महाकाव्य राम चरित मानस के मुताबिक, जब लंकापति रावण माता सीता का अपहरण करके ले जा रहा था, तब जटायु ने निडर होकर उसे रोकने की कोशिश की. इस भीषण युद्ध में रावण ने तलवार से जटायु के पंख काट दिए. बुरी तरह घायल होने के बावजूद जटायु ने अपनी अंतिम सांसों तक भगवान श्रीराम का इंतजार किया और उन्हें माता सीता जी के अपहरण की सही जानकारी दी.