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भागलपुर की बेटी और अभिनेत्री संचिता बसु इन दिनों अपनी वेब सीरीज 'ठुकरा के मेरा प्यार' सीजन-2 की जबर्दस्त सफलता को लेकर सुर्खियों में हैं. ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुए सीजन-2 के सभी एपिसोड को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है. 4 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने वाली इस सीरीज पर सोशल मीडिया में 10 लाख से ज्यादा रील बनाए गए हैं. अभिनेत्री संचिता बसु ने Zee Media के संवाददाता आश्विनी कुमार से सीरीज की सफलता, अपने संघर्ष, आने वाले प्रोजेक्ट्स और बॉलीवुड को लेकर खुद के सपनों पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कई महीनों की कड़ी मेहनत और लगातार शूटिंग करनी पड़ी. संचिता बसु ने कहा कि दर्शकों ने सीजन-1 को जिस तरह प्यार दिया, उसी प्यार और उम्मीद के साथ सीजन-2 बनाया गया. अब सीजन-3 को लेकर सस्पेंस बरकरार है. वहीं, अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर संचिता ने कहा कि अगर सब कुछ सही रहा तो बहुत जल्द उनके फैंस को एक बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. संचिता बसु ने अपने बॉलीवुड क्रश का भी खुलासा करते हुए सलमान खान का नाम लिया और उनके साथ काम करने की तमन्ना जाहिर की. बिहार में बाढ़ को लेकर संचिता बसु ने कहा कि बाढ़ से लोगों का संवारा हुआ जीवन बर्बाद होता है, खेत-खलिहान बर्बाद होते हैं. सरकार इस पर काम कर रही है, लेकिन इसका स्थायी समाधान भी होना चाहिए. उन्होंने सभी अभिनेताओं-अभिनेत्रियों, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स से आगे आकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील की.
जी मीडिया: आप ये बताइए, सीजन 2 को किस तरीके से शूट किया गया था और इसमें कितना दिन का वक्त लगा?
संचिता बसु: सीजन 2 और सीजन 1 दोनों की शूटिंग लखनऊ में हुई है. सीजन 2 में आई थिंक फ्रॉम नवंबर हमारी शूटिंग स्टार्ट हुई थी और फरवरी तक हुई थी. मतलब तीन-चार महीने शूट चली.

जी मीडिया: अब फैंस को इंतजार है सीजन 3 का, क्योंकि जिस तरीके से एंडिंग हुई है, वो पिस्टल अपने सिर पर रखा है और गाड़ी ब्लास्ट हुई है. लोगों को ये लग रहा है कि कहीं अब उसमें कुलदीप तो नहीं, लेकिन उम्मीद यह भी जता रहे हैं कि हो सकता है उसमें कुलदीप नहीं हो, खाली गाड़ी हो.
संचिता बसु: आई थिंक, इसके पीछे बहुत सारी स्टोरीज बन रही हैं. बहुत लोग पोस्ट भी कर रहे हैं. बहुत अपने-अपने दिमाग से स्टोरी भी बना रहे हैं, शायद ये हुआ होगा. बट मैं लिटरली कहूं तो सीजन 3 का हमें किसी को कोई आईडिया नहीं है अभी. आई होप, आप लोग जितना प्यार दोगे, तो शायद कुछ अच्छा हो. बट हाँ, इसी तरह... लेकिन बहुत-बहुत अच्छा लगता है कि लोग जिस तरीके से इतना डूब के अपने सीरीज को जिन्होंने देखा है और इतनी सारी स्टोरीज वो बना रहे हैं कि ऐसा क्यों हुआ, वैसा क्यों हुआ, इससे यह पता चलता है कि लोग बहुत इंतजार कर रहे थे हर फ्राइडे का, हर एपिसोड्स का. सबके दिमाग में बहुत सारे सवाल हैं, आई होप, सबके सवालों का जवाब मिल जाएगा.
जी मीडिया: पहले साउथ में बड़े पर्दे पर, उसके बाद फिर ओटीटी प्लेटफॉर्म. इसके बाद अब क्या लगता है, बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर संचिता बसु दिखेंगी?
संचिता बसु: हमारी कोशिश तो है कि बहुत-बहुत प्यार मिले आप लोगों का और मैं कहीं न कहीं फिल्म्स करूं और आप लोग वो भी देखें. ढेर सारा प्यार दीजिए. बट आई थिंक, हम लोग हर दिन मेहनत कर रहे हैं. हर दिन एक-दो अपॉर्चुनिटी भी है. आई होप, वो चीजें क्लियर हो जाएं तो मैं आप लोगों को जरूर बताऊंगी.

जी मीडिया: संचिता बसु के क्रश के बारे में लगातार गॉसिप चल रही है. लोग पूछते हैं कि संचिता बसु का क्रश कौन हैं? या फिर किससे शादी करने वाली हैं?
संचिता बसु: (हंसते हुए) क्रश... आई थिंक, मैंने सबको बताया है, सलमान खान और शादी जब करूंगी तो बता दूंगी. अभी और कई काम हैं मेरे पास.
जी मीडिया: कमेंट्स भी आते हैं इंस्टाग्राम पर?
संचिता बसु: आई थिंक, मैं हमेशा से मतलब कि स्टार्टिंग से ही टिकटॉक वगैरह के जरिए मेरे लाइफ में जो भी चीजें हुई हैं, छोटी-बड़ी चीजें, वो सबको पता होती हैं. तो मेरे लाइफ में अगर कोई होगा, वो भी आपको इंस्टाग्राम या फेसबुक पर पता चल जाएगा. बट, फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है. सो आई होप, अगर कुछ हो तो बताऊंगी.

जी मीडिया: फिलहाल, संचिता जी आप बिहार में हैं. बिहार की एक बड़ी समस्या है बाढ़, जिसको लगातार आप भी देख रही हैं. क्या कहेंगी सरकार से इसको लेकर? कहीं न कहीं स्थायी समाधान की जरूरत है और सरकार भी काम कर रही है. आपको क्या लगता है, सरकारी स्तर से क्या चीजें हो रही हैं और क्या होनी चाहिए?
संचिता बसु: आई थिंक, सबसे बड़ी प्रॉब्लम ये होती है किसी का घर चला जाना. बहुत ही मेहनत से लोग अपना घर बनाते हैं, चाहे वो छोटा हो या बहुत बड़ा हो, पर उसमें छोटे-छोटे सबके सपने होते हैं. तो मुझे ऐसा लगता है कि जब जिसको जरूरत हो, आई थिंक हमारी सरकार को हमेशा जागरूक रहना चाहिए. उन लोगों की परेशानी समझनी चाहिए, उन लोगों की क्या चाह है, क्योंकि जहां बाढ़ आती है वहां पर रेगुलर आती है, हर साल आती है. हर साल वो चीजें बिगड़ जाती हैं, चाहे किसी का खेत हो या घर और वो लोग फिर मेहनत करके अपना ठिकाना बनाते हैं. अगले साल फिर बाढ़ आती है और फिर मेहनत बेकार. जिन पर बीतता है, उन्हें ही इसका दुख पता चलता है. आपलोग जरूर उनका दुख समझिए. हमलोग भी जिसको जहां तक हेल्प किया जा सके, करना चाहिए. मैं अपने लिए भी कह रही हूं और हमारे जैसे जितने एक्टर्स, इन्फ्लुएंसर्स हैं, उनसे भी मदद की अपील करती हूं. हमें थोड़ा-थोड़ा कंट्रीब्यूट करना चाहिए फ्रॉम अवर साइड. सरकार को हमेशा इन लोगों के लिए जागरूक होना चाहिए जो हर साल वही दुख झेल रहे हैं.