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मौत की बौछार, सऊदी में हाहाकार: क्यों मोहम्मद बिन सलमान के एयरपोर्ट्स को तबाह कर रहे हूती विद्रोही?

हूतियों ने सऊदी अरब की टेंशन बढ़ा दी है. एक के बाद एक वह सऊदी अरब के एयरपोर्ट्स को निशाना बना रहे हैं. जवाब में सऊदी अरब भी पलटवार कर रहा है. लेकिन सवाल है कि आखिर क्यों सिर्फ एयरपोर्ट्स को ही निशाना बनाया जा रहा है.

मौत की बौछार, सऊदी में हाहाकार: क्यों मोहम्मद बिन सलमान के एयरपोर्ट्स को तबाह कर रहे हूती विद्रोही?
Image Credit: सऊदी अरब ने करारा जवाब देने का ऐलान किया है.

हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की नाक में दम कर रखा है. रविवार को रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उसने ताबड़तोड़ हमले किए, जिसमें 1 शख्स की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए. अगले दिन भी हमला कर हूतियों ने कहर मचा दिया, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा घायल हो गए.

लगातार हो रहे इन हमलों से सऊदी अरब का एविएशन सेक्टर पंगु होने की राह पर है. पिछले एक दशक में सऊदी अरब पर यह सबसे भयानक हमला माना जा रहा है.

दरअसल, दुनिया में युद्ध का एक नया मोर्चा खुल गया है, जिसमें टकराव तेजी से बढ़ता जा रहा है. लड़ाई ईरान के समर्थन वाले हूतियों और सऊदी के सपोर्ट वाले यमनी सरकारी सेनाओं के बीच हो रही है. यह सब संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में 2022 से लागू युद्धविराम के टूटने के बाद हुआ है.

किन-किन एयरपोर्ट्स को हूतियों ने बनाया निशाना?

रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट: सऊदी राजधानी के इस एयरपोर्ट पर पिछले पांच दिनों में चार बार हमले हुए हैं. सऊदी अधिकारियों ने बताया कि 7 अक्टूबर को एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए. अगले दिन, एक हमले में एयरलाइन के एक पायलट और दो अन्य सऊदी नागरिकों की मौत हो गई, और कई अन्य लोग घायल हो गए.

किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट: हूतियों ने रविवार को खाड़ी तट पर स्थित कारोबारी बंदरगाह शहर दम्मम के एयरपोर्ट पर हमले का दावा किया.

अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया कि 7 अक्टूबर को एयरपोर्ट पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 28 लोग घायल हो गए.

जाजान में किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट: सऊदी अधिकारियों ने बताया कि 6 अक्टूबर को दक्षिणी एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोग घायल हो गए.

नजरान एयरपोर्ट: उसी दिन, सऊदी अधिकारियों ने बताया कि नजरान एयरपोर्ट पर हमला हुआ और कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं.

क्या यमन की फोर्स ने भी हूतियों के एयरपोर्ट्स को बनाया निशाना?

जवाब है हां. रविवार को हूती के समर्थन वाली मीडिया ने बताया कि यमन की राजधानी सना में, जहां हूतियों का कब्जा है, वहां सऊदी ने हवाई हमले किए.

इन हमलों में सना के अल-थवरा जिले के एयरपोर्ट रोड इलाके और हमदान जिले को निशाना बनाया गया. इन हमलों के नतीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली.

यमनी सरकारी सेनाओं ने भी 13 जुलाई को कई हवाई हमलों के दौरान सना एयरपोर्ट पर कम से कम पांच बम गिराए, जिनमें से तीन सीधे एकमात्र चालू रनवे पर गिरे.

2014 से सना और उत्तर-पश्चिमी यमन के कुछ हिस्सों पर हूतियों का कब्जा है. दक्षिणी शहरों मोचा और धुबाब के आसपास लड़ाई चल रही है. ये शहर लाल सागर के तट पर स्थित हैं और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर कंट्रोल के लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं.

शिपिंग के लिए यह रास्ता होर्मुज का एक विकल्प बन गया है, जहां ईरानी हमलों की वजह से तेल टैंकर ऑपरेटरों के लिए लागत और जोखिम दोनों ही बढ़ गए हैं.

क्यों हूती विद्रोही एयरपोर्ट्स को बना रहे निशाना?

हूतियों के लगातार हमलों की वजह से रियाद के ऊपर आसमान खाली हो गया है, क्योंकि अधिकारियों ने शहर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कामकाज बंद रखने की अवधि बढ़ा दी है. यह एयरपोर्ट जेद्दा के बाद देश का दूसरा सबसे बिजी एयरपोर्ट है.

लुफ्थांसा ने 16 अक्टूबर तक रियाद के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं, जबकि एयर फ्रांस-KLM ने सऊदी राजधानी के लिए और वहां से आने-जाने वाली अपनी सर्विस को बंद रखने की अवधि को महीने के आखिर तक बढ़ा दिया है. यूके, फ्रांस और जर्मनी ने अपने नागरिकों को रियाद न जाने की चेतावनी दी है.

यह रुकावट ऐसे समय में आई है, जब मुल्क सऊदी अरब की ऊर्जा और निवेश से जुड़ी दो बड़ी कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है.

वर्ल्ड पेट्रोलियम कांग्रेस (WPC) के आयोजकों ने कहा कि रविवार से गुरुवार तक चलने वाला यह कार्यक्रम योजना के मुताबिक ही होगा. इसमें दुनिया भर के बड़े तेल कंपनियों के अधिकारी और पॉलिसी मेकर्स शामिल होंगे. 'फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव' भी 26-29 अक्टूबर तक प्लानिंग के मुताबिक होगा. इसे एक दशक पहले क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने देश की मुख्य निवेश कॉन्फ्रेंस के तौर पर शुरू किया था.

'उतना ही गंभीर होगा जवाब'

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने WPC में कहा कि देश की मजबूती की परीक्षा हुई है, लेकिन उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल कॉन्फ्रेंस में आए लोगों को भरोसा दिलाया कि इसका जवाब 'उतना ही गंभीर' होगा.

सऊदी अरब साल 2032 फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी की तैयारी कर रहा है. लंबे समय से खुद को बड़े कार्यक्रमों, ग्लोबल टूरिज्म और निवेश के लिए एक सुरक्षित जगह के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहा है.

यूरोपियन इंस्टीट्यूट ऑफ पीस के संघर्ष विश्लेषक और सलाहकार हिशाम अल-ओमेसी ने अनुमान लगाया कि हूथी विद्रोही तेल पाइपलाइनों और एनर्जी फैसिलिटी पर हमले बढ़ा सकते हैं. साथ ही, वे हवाई अड्डों पर भी हमले जारी रखेंगे क्योंकि ऐसे ठिकानों पर हमले से उन्हें मजबूत पब्लिक रेस्पॉन्स मिलता है.

अल-ओमेसी ने अल-जजीरा को बताया, 'हूती विद्रोहियों ने अपने हमले बहुत बढ़ा दिए हैं, उन्होंने हद पार कर दी है. उनके अपने तरीके और हिसाब-किताब हैं और किसी आम नागरिक हवाई अड्डे पर हमला करना उनके इन हिसाब-किताब का हिस्सा नहीं है.'

विश्लेषक ने कहा, 'वे अपनी बात मनवाने के लिए किसी भी हद तक जाने वाले और मकसद हासिल करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, जिसमें सऊदी अरब से और रियायतें हासिल करना भी शामिल है.

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About the Author

Rachit Kumar

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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