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'नाराज' बुआ ने भतीजे आकाश से क्यों छीन लिया उत्तराधिकारी का ताज? Inside Story

मायावती ने भतीजे आकाश आनंद से क्यों छीना उत्तराधिकारी का ताज? जानिए भाषण विवाद, पार्टी लाइन और बसपा के इस बड़े फैसले के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी.

'नाराज' बुआ ने भतीजे आकाश से क्यों छीन लिया उत्तराधिकारी का ताज? Inside Story

बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद की सियासी पारी एक बार फिर मुश्किल दौर में पहुंचती नजर आ रही है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में हुई राष्ट्रीय स्तर की बैठक में आकाश आनंद को लेकर बड़ा फैसला लिया. मायावती ने साफ कहा कि आकाश अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं हुए हैं और उन्हें राजनीतिक तौर पर और अनुभव हासिल करने की जरूरत है. फिलहाल उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी.

मायावती के इस फैसले को आकाश आनंद के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. खास बात यह है कि पिछले चार दिनों में हुई दो अहम बैठकों में आकाश को शामिल नहीं किया गया. जबकि मायावती के भाई आनंद कुमार और दूसरे भतीजे ईशान आनंद बैठक में मौजूद रहे. अब आकाश को नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से भी हटा दिया गया है. लगातार मिल रहे इन झटकों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि बीएसपी में आकाश आनंद की आगे क्या भूमिका होगी और क्या मायावती अब भी उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी मानती हैं.

कभी मायावती के उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जाते थे आकाश

आकाश आनंद का बीएसपी की राजनीति में औपचारिक प्रवेश 2017 में हुआ था. उस समय सहारनपुर के शब्बीरपुर में जातीय हिंसा के बाद मायावती वहां पहुंची थीं. इसी दौरान आकाश पहली बार मायावती के साथ बड़े राजनीतिक मंच पर नजर आए. इसके बाद धीरे-धीरे आकाश आनंद को मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाने लगा. पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता बढ़ी और युवाओं के बीच उन्हें बीएसपी का नया चेहरा बनाने की कोशिश भी नजर आई. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में आकाश की राजनीतिक भूमिका लगातार बदलती रही है. कभी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली तो कभी अचानक पार्टी से दूर कर दिया गया. अब एक बार फिर उनके हाथ से अहम जिम्मेदारियां चली गई हैं.

ऐसे आनंद के हाथों से निकली उत्तराधिकार की कुर्सी

2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान आकाश आनंद को बीएसपी के प्रचार अभियान में अहम भूमिका दी गई थी. उस दौरान उन्होंने बीजेपी और उसकी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उनके भाषणों में आक्रामकता साफ दिखाई देती थी. एक सभा में उन्होंने सरकार को हटाने के लिए जूता मारने जैसी टिप्पणी तक कर दी थी. इस बयान के बाद उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश में मुकदमा भी दर्ज हुआ. मामला बढ़ने के बाद मायावती ने आकाश को राजनीतिक गतिविधियों से दूर कर दिया. हालांकि यह दूरी ज्यादा लंबे समय तक नहीं चली. कुछ समय बाद आकाश को फिर बीएसपी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया गया.

शादी के बाद बदले सियासी समीकरण

आकाश आनंद की शादी बीएसपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ की बेटी से हुई. शादी के बाद पार्टी के भीतर हालात एक बार फिर बदल गए. मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और उन्हें बीएसपी से बाहर कर दिया. इसके साथ ही आकाश आनंद को भी पार्टी में पहले जैसी सक्रिय भूमिका नहीं मिली. बाद में लंबे इंतजार के बाद आकाश आनंद और उनके ससुर की माफी के बाद दोनों की पार्टी में वापसी हुई. उस समय लगा कि आकाश एक बार फिर बीएसपी में अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं. लेकिन हालिया घटनाक्रम ने इस तस्वीर को फिर बदल दिया है.

कैंडिडेट चुनने की जिम्मेदारी मिली, फिर फैसला बदला

पिछले महीने मायावती ने आकाश आनंद को उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की जिम्मेदारी दी थी. हालांकि अगले ही दिन पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार मायावती के पास ही रखा. आकाश को सिर्फ उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की भूमिका मिली. इसके बाद उन्होंने 10 अगस्त को हाथरस की सादाबाद विधानसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया. 25 अगस्त को गौतमबुद्ध नगर की जेवर विधानसभा सीट के लिए भी उम्मीदवार घोषित किया गया. इन कार्यक्रमों से ऐसा लगा कि आकाश आनंद को एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका दी जा रही है.

चार दिन में बदली पूरी तस्वीर

लेकिन इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला. मायावती ने पहले उत्तर प्रदेश स्तर की बैठक बुलाई और फिर गुरुवार को राष्ट्रीय स्तर की बैठक हुई. दोनों ही बैठकों से आकाश आनंद दूर रहे. इसी दौरान उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया. अब आकाश आनंद से नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी वापस ले ली गई है. मायावती का कहना है कि आकाश को अभी और राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत है. लिहाजा फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी.

अखिलेश और राहुल को बोला था 'अंकल'

आकाश आनंद हाल के दिनों में अपने भाषणों को लेकर भी लगातार चर्चा में रहे हैं. एक सभा में उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 'अंकल' कहकर संबोधित किया था. आकाश ने कहा था कि उनकी उम्र 30 साल है, जबकि अखिलेश यादव उनसे काफी बड़े हैं. इसलिए उन्हें 'अंकल' कहना किसी तरह का अपमान नहीं है. बीएसपी की राजनीति में आकाश की शैली मायावती की पारंपरिक राजनीतिक शैली से काफी अलग दिखाई देती रही है. वह भाषणों में ज्यादा आक्रामक नजर आते हैं और युवाओं को सीधे संबोधित करने की कोशिश करते हैं.

अब सबसे बड़ा सवाल, आगे क्या करेंगे आकाश

आकाश आनंद के साथ यह पहली बार नहीं हुआ है जब उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने के बाद अचानक पीछे किया गया हो. हर बार कुछ समय की दूरी के बाद उन्हें फिर पार्टी में अहम भूमिका मिली. यही वजह है कि मौजूदा घटनाक्रम को लेकर भी बीएसपी के भीतर और बाहर कई तरह की चर्चाएं हैं. फिलहाल इतना साफ है कि मायावती ने आकाश को पार्टी की अगली कतार में रखने से दूरी बनाई है. नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद जाने के बाद उनकी तत्काल राजनीतिक भूमिका काफी सीमित हो गई है. 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जैसे-जैसे तेज होंगी, यह देखना दिलचस्प होगा कि मायावती आकाश आनंद को दोबारा कोई बड़ी जिम्मेदारी देती हैं या फिर बीएसपी की राजनीति में कोई नया चेहरा सामने आता है.

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

Ravindra Pratap Singh

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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