उज्जैन में खड़े हनुमान का फिर दिखा चमत्कार: गुपचुप प्रतिमा की जांच करने पहुंची टीम, मशीन हुई खराब
उज्जैन के खड़े हनुमान की प्रतिमा की स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे जांच दल ने प्रतिमा की गहराई और मजबूती की जांच की, लेकिन इस दौरान मशीन अचानक खराब हो गई. श्रद्धालु इसे भगवान हनुमान का चमत्कार मान रहे हैं.
मध्य प्रदेश की धर्मनगरी उज्जैन में 'खड़े हनुमान' का एक और चमत्कार सामने आया है और मंदिर की प्रतिमा की प्रशासनिक जांच के बाद विवाद गहरा गया है. सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे एसडीएम एलएन गर्ग और नगर निगम की 8 सदस्यीय टीम के साथ भोपाल से आया जांच दल गुपचुप तरीके से खड़े हनुमान की प्रतिमा की स्क्रीनिंग, गहराई और मजबूती जांचने पहुंचा, लेकिन जांच के दौरान मशीन अचानक खराब हो गई. अब श्रद्धालु और स्थानीय लोग इसे भगवान हनुमान का चमत्कार मान रहे हैं.
आधी रात 2 बजे तक हुई इस सीक्रेट कार्रवाई का वीडियो वायरल होने के बाद बजरंग दल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखा विरोध जताया है. हालांकि, इस पूरे मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है और आधिकारिक बयान नहीं आया है. इसको लेकर बीजपी पार्षद ने कहा कि रात 2 बजे तक चोरी-छिपे खड़े हनुमान की मशीनों से स्क्रीनिंग हुई है. इस दौरान एसडीएम, नगर निगम, प्रशासन और भोपाल का जांच दल मौजूद था.
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने उठाए सवाल
उज्जैन के चमत्कारिक खड़े हनुमान मंदिर का मामला फिर गरमा गया है. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने कहा है कि प्रशासन यह स्पष्ट करें कि उसकी मंशा क्या है. आधी रात को खड़े हनुमान मंदिर की मशीनों से जांच करना प्रशासन की नियत पर सवाल खड़ा कर रहा है.
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष राजेश आंजना का कहना है कि प्रशासन यह स्पष्ट करें कि वह खड़े हनुमान को भगवान मानते हैं या नहीं, क्योंकि जिस समय रात्रि 2 बजे मंदिर में पुजारी साधु संत और आम लोगों का प्रवेश वर्जित रहता है, उस समय चोरी छिपे मंदिर में जाना और तोड़फोड़ कर जांच करना यह प्रशासन की नियत पर सवाल उठा रहा है. प्रशासन का यह कृत्य सनातन के खिलाफ है. हम इस कार्य को लेकर विरोध जताएंगे.
जांच अधिकारियों की मशीन हुई खराब
एसडीएम एलएन गर्ग, नगर निगम का अमला और भोपाल से आए जांच दल खड़े हनुमान की प्रतिमा की स्कैनिंग की. इसके साथ ही प्रतिमा की मजबूती और गहराई को भी जांचा गया. इस जांच के वीडियो और फोटो भी वायरल हुए हैं. एक वीडियो में स्पष्ट सुनाई दे रहा है कि जांच अधिकारी कह रहे हैं कि मशीन खराब हो गई. मशीन खराब होने को लेकर श्रद्धालु बजरंगबलि का फिर एक चमत्कार मान रहे हैं.
इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान पार्षद शिवेंद्र तिवारी का कहना है कि सोमवार रात को एसडीएम एलएन गर्ग के साथ नगर निगम, पुलिस प्रशासन की टीम और भोपाल से आया जांच दल मशीन के जरिए खड़े हनुमान की स्क्रीनिंग करता है. स्क्रीनिंग में बड़ा सवाल है कि आधी रात्रि को स्क्रीनिंग क्यों करनी पड़ रही है. दिन में भी यह कार्य हो सकता था. लोगों में आक्रोश है. प्रशासन चूहा-बिल्ली का खेल खत्म करें. जन भावना और सनातन का सम्मान करें. खड़े हनुमान ने खुद अपनी उपस्थिति का प्रमाण दे दिया है. रात 2:00 बजे तक चोरी छिपे स्क्रीनिंग हुई है. (इनपुट- अनिमेष सिंह)