बिजली बिल बकाया रखने वालों पर एक्शन, सिंगरौली में 6 मकान कुर्क कर लगाए ताले, 19 करोड़ रुपये की वसूली बाकी
मध्य प्रदेश के सिंगरौली में बिजली बिल वसूली के लिए विद्युत विभाग एक्शन मोड में नजर आ रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक, छह मकान कुर्क कर ताले लगाए गए. इसके अलावा, 9 हजार लोगों का बिजली बिल बकाया बताया जा रहा है.
मध्य प्रदेश के सिंगरौली में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. अब मामला सिर्फ नोटिस देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बकाया वसूली के लिए मकानों को कुर्क करने और सामान जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है. शहरी क्षेत्र में विभाग ने छह मकानों पर ताला लगाकर उन्हें कुर्क किया है. इसके साथ ही दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं. इस कार्रवाई से लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को साफ संदेश दिया गया है कि बकाया राशि को लगातार नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.
शहरी कार्यपालन अभियंता दिनकर दुबे के मुताबिक, मोरवा क्षेत्र में दो मकानों को कुर्क करते हुए ताला लगाया गया, जबकि बैढ़न क्षेत्र में चार मकानों पर कार्रवाई की गई. इसके अलावा, बकाया वसूली के तहत दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं. विभाग अब बड़े बकायादारों से राशि वसूलने के लिए अभियान चला रहा है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है और बकाया जमा नहीं करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्ती जारी रहेगी.
कितने लोगों को बिल बकाया
विद्युत विभाग के सामने शहरी क्षेत्र में करीब 19 करोड़ रुपये की बकाया राशि की चुनौती है. दिनकर दुबे ने बताया कि लगभग 9 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं जिन पर बिजली बिल की बड़ी रकम बकाया है. इनमें 25 हजार, 50 हजार और एक लाख रुपये या उससे अधिक की राशि बकाया रखने वाले उपभोक्ता भी शामिल हैं. इतनी बड़ी रकम लंबे समय से जमा नहीं होने के कारण विभाग ने वसूली अभियान तेज कर दिया है. अब विभाग की नजर उन उपभोक्ताओं पर है, जिन्होंने बार-बार सूचना मिलने के बाद भी भुगतान नहीं किया है.
नियमानुसार की जाएगी कुर्की
दिनकर दुबे ने आगे बताया कि बकाया वसूली के लिए पहले फॉर्म-सी जारी किया जाता है, जिसकी समय-सीमा 90 दिन होती है. इसके बाद संबंधित उपभोक्ता को नोटिस दिया जाता है. इसके बावजूद यदि बकाया राशि जमा नहीं होती, तो नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई की जाती है. विभाग भू-राजस्व संहिता की धारा 146 और 147 के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कह रहा है. यानी बकायादारों को भुगतान के लिए अवसर दिया जाता है, लेकिन लगातार अनदेखी करने पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है.
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वसूली का अभियान रहेगा जारी
कार्यपालन अभियंता दिनकर दुबे ने स्पष्ट किया है कि बकाया बिजली बिल की वसूली का अभियान लगातार जारी रहेगा, जो उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के बाद भी राशि जमा नहीं करेंगे. उनके खिलाफ कुर्की और जब्ती की कार्रवाई तेज की जाएगी. ऐसे में बिजली बिल को नजरअंदाज करने वाले उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी साफ है. बकाया भुगतान में देरी अब मकान और सामान की जब्ती तक पहुंच सकती है. विभाग का कहना है कि वसूली अभियान आगे भी जारी रहेगा.