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भोपाल मास्टर प्लान पर आपत्ति दर्ज कराने का आज आखिरी दिन, अब तक आ चुकी हैं 9 हजार से ज्यादा आपत्तियां, कैचमेंट को लेकर बिफरे किसान

भोपाल के मास्टर प्लान ड्राफ्ट को लेकर दावे और आपत्तियां जमा करने की आज आखिरी तारीख है. अब तक 9,000 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 5,500 से अधिक आपत्तियां कैचमेंट एरिया से जुड़ी हैं.

Written ByRanjana Kahar
Published: Oct 24, 2026, 08:44 AM IST|Updated: Oct 24, 2026, 11:02 AM IST
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भोपाल मास्टर प्लान पर आपत्ति दर्ज कराने का आज आखिरी दिन, अब तक आ चुकी हैं 9 हजार से ज्यादा आपत्तियां, कैचमेंट को लेकर बिफरे किसान
Image Credit: भोपाल मास्टर प्लान: दावे-आपत्ति के लिए आज आखिरी दिन

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Ranjana Kahar

Ranjana Kahar

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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राजधानी भोपाल के भविष्य के विकास की रूपरेखा तय करने वाले 'मास्टर प्लान 2047' के ड्राफ्ट को लेकर जनता में काफी असंतोष है. दावे और आपत्तियां जमा करने की आज आखिरी तारीख है, लेकिन अब तक दर्ज आपत्तियों की संख्या 9,000 के पार पहुंच चुकी है. सबसे विवादित मुद्दा बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) में प्रस्तावित बदलावों से जुड़ा है. ड्राफ्ट में कैचमेंट जोन में निर्माण की छूट, अवैध कॉलोनियों को वैध करने और बेवजह चौड़ी सड़कों के प्रस्ताव का जमकर विरोध हो रहा है.  आंकड़ों की बात करें तो कुल 9,000 आपत्तियों में से 5,500 से अधिक शिकायतें इसी कैचमेंट एरिया से जुड़ी हैं.

किसानों ने लगाया भेदभाव का आरोप

किसानों का आरोप यह है कि मास्टर प्लान तैयार करते समय भारी भेदभाव किया गया. कैचमेंट एरिया (जल-ग्रहण क्षेत्र) में कुछ अधिकारियों की जमीनों को आवासीय या LDR क्षेत्र के रूप में चिह्नित कर दिया गया, जिससे उनकी बाजार कीमत बढ़ गई. जबकि किसानों की जमीनें जो बिल्कुल वैसी ही स्थितियों में थीं और अधिकारियों के प्लॉट के ठीक सामने स्थित थीं, उन्हें कैचमेंट एरिया घोषित कर दिया गया. इससे किसानों की जमीन की कीमत बहुत गिर गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है.

यह भी पढ़ें: कांग्रेस के नैरेटिव का जवाब देने के लिए बीजेपी का लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ अभियान, बूथ से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक होगा पलटवार
 

दावे-आपत्ति के लिए आज आखिरी दिन

भोपाल मास्टर प्लान-2047 का तीन मुख्य मुद्दों पर सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है: बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में बदलाव, अवैध निर्माणों को नियमित करना, और सड़कों को चौड़ा करने के प्रस्ताव. आपत्तियां आज रात 12 बजे तक ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकती हैं. पिछले दो दिनों से शाहपुरा स्थित टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कार्यालय में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है. शुक्रवार को किसान संघ और स्थानीय व्यापारियों ने भी अपनी आपत्तियां सौंपीं.  इसके अलावा कई कॉलोनियों के निवासियों ने भी निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को लेकर चिंता जताई है. दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए दिया गया 30 दिनों का समय इस शनिवार रात 12 बजे समाप्त हो रहा है. शनिवार को सार्वजनिक अवकाश है, इसलिए आपत्तियां केवल ऑनलाइन ही जमा की जा सकेंगी.

क्या आपत्तियां हैं?

भोपाल विकास योजना-2047 के ड्राफ्ट को लेकर नागरिकों, किसानों और व्यापारियों के बीच काफी चिंता और असंतोष है. कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई गई हैं, जैसे कि झील के कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) में कृषि भूमि का आरक्षण, घनी आबादी वाले इलाकों से 45 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव, अनधिकृत भूमि उपयोग को नियमित करना, और कमर्शियल कन्वर्जन फीस लगाना. अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन इन गंभीर और जमीनी चिंताओं का समाधान कैसे करता है, और मास्टर प्लान के अंतिम रूप में जनता की मांगों और आशंकाओं को किस हद तक शामिल किया जाता है.
 

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