शाजापुर: 3 बार जनसुनवाई में शिकायत... फिर कलेक्टर कार्यालय में युवक ने की आत्महत्या की कोशिश, जानें पूरा मामला
शाजापुर जिले में एक युवक ने कलेक्टर कार्यालय में अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की. युवक का आरोप है कि तीन बार जनसुनवाई में शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ है.
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक ने कलेक्टर कार्यालय में खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की. जैसे ही युवक पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगाने लगा तो वहां मौजूद मीडिया के साथियों ने माचिस छुड़ाकर उसकी जान बचाई. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?
मिली जानकारी के मुताबिक, जिला मुख्यालय से 3 किमी दूर गिरवर गांव में सरकारी पट्टे की जमीन पर मकान बनाने को लेकर परिवार में विवाद हो गया. इस मामले को लेकर तीन बार जनसुनवाई में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. मामले की सुनवाई न होने के चलते उसने आत्महत्या करने की कोशिश की.
युवक ने बुआ पर लगाए गंभीर आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर एसडीएम पहुंची. उसके बाद युवक से चर्चा कर उसे एसपी कार्यालय भेजा. इस दौरान युवक दुर्गेश मालवीय ने आरोप लगाया कि मेरी बुआ जी और उनका परिवार मकान नहीं बनाने दे रहा है. आगे बताया कि मेरे पिता के नाम पट्टे की भूमि है, जिस पर पहले कच्चा मकान था, उसे पिछली होली पर तोड़कर नया घर बनाने लगा, तो बुआ विवाद करने लगी.
3 बार जनसुनवाई में कर चुका शिकायत
युवक ने आगे बताया कि इस मामले की जुनसुनवाई में तीन बार शिकायत कर चुका हूं. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. युवक ने आरोप लगाया है कि बुआ और उनके बेटे ने दो दिन पहले मारपीट भी की थी. इसकी शिकायत भी लालघाटी थाने में पुलिस को दी थी. लेकिन अभी तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई है.
जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में क्या ?
युवक द्वारा जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में बताया गया है कि आवेदक दुर्गेश मालवीय के स्वर्गीय पिता मांगीलाल के नाम पर गांव गिरवर में सरकारी पट्टे की भूमि थी. इस पर भूमि पर उनके पिता ने पहले ही दो कमरों का कच्चा मकान बनवा लिया था. उसमें आवेदक का कहना है कि मकान के सामने और पीछे सरकारी सड़क है, जबकि एक तरफ उसकी बहन का मकान और दूसरी तरफ उसकी बुआ पारूबाई और उनके बेटे भेरूलाल का मकान स्थित है.
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जान से मारने की धमकी का भी आरोप
आवेदक का आरोप है कि बुआ पारूबाई और उनके बेटे भेरूलाल की तरफ से आवेदक को उसके पिता के बनाए कच्चे मकान पर पक्का निर्माण नहीं करने दिया जा रहा है. आवेदक का कहना है कि मकान की दीवार तोड़ने के दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी जाती है. विरोध करने पर विवाद की स्थिति बन रही है.
युवक ने क्यों की आत्महत्या की कोशिश
इसके अलावा, उसमें यह भी बताया गया है कि विवाद से संबंधित पहले लालघाटी थाने में थाना प्रभारी को शिकायती आवेदन दिया था. लेकिन उसके अनुसार अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है. इसके चलते उसने कलेक्टर कार्यालय में आत्महत्या करने की कोशिश की है.
(रिपोर्टः मनोज जैन, शाजापुर)
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