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नारे लगाते चलते रहे छात्र, पीछे पीछे भागते रहे अधिकारी...Gen Alpha के पैदल मार्च ने बढ़ाई प्रशासन की टेंशन, बोले-कलेक्टर से करेंगे बात

शहडोल के जैतपुर स्थित विरौड़ी एकलव्य छात्रावास से 150 से ज्यादा छात्र अपनी समस्याएं कलेक्टर के सामने रखने के लिए पैदल निकल पड़े. करीब 22 किमी पैदल यात्रा करने के बाद अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की और उनकी मांगों को लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया.

Written By Pooja
Published: Oct 07, 2026, 10:49 PM IST | Updated: Oct 07, 2026, 11:38 PM IST
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शहडोल में Gen Alpha छात्रों के पैदल मार्च ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. जैतपुर के विरौड़ी एकलव्य छात्रावास से 150 से ज्यादा छात्र हॉस्टल की दीवार लांघकर कलेक्ट्रेट के लिए निकले. छात्रों की जिद थी कि उन्हें अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के सामने रखनी हैं. करीब 60 किलोमीटर के इस सफर में छात्र लगभग 22 किलोमीटर पैदल चले. इन छात्रों को रोकने के लिए प्रशासनिक अमला उनके पीछे-पीछे चलता रहा. छात्रों को वापस ले जाने के लिए बसें भी लगाई गईं और अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे. उनका साफ कहना है कि बात होगी तो सीधे कलेक्टर से होगी.

जैतपुर के एकलव्य छात्रावास के छात्र अचानक हॉस्टल से बाहर निकले और रसमोहनी के रास्ते कलेक्ट्रेट की ओर पैदल मार्च शुरू कर दिया. प्रशासनिक अमला छात्रों को समझाने के लिए पीछे-पीछे चलता रहा. बसों और वाहनों के जरिए भी छात्रों को वापस ले जाने की कोशिश की गई. जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा छात्रों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और कलेक्टर से मुलाकात की बात कहते हुए आगे बढ़ते रहे.

कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़े रहे छात्र
प्रशासन छात्रों को समझाने और गाड़ियों के जरिए उन्हें वापस लाने की कोशिश करता रहा. उन्हें सुरक्षित हॉस्टल वापस ले जाने के लिए एक पैसेंजर बस और एक जीप लगाई गई है, लेकिन छात्र अधिकारियों की बात मानने से इनकार करते रहे.  छात्र स्थानीय अधिकारियों से बात करने के बजाय सीधे जिला कलेक्टर से मिलने पर अड़े रहे. छात्रों का कहना था कि वे अपनी शिकायतें सिर्फ कलेक्टर के सामने ही रखना चाहते हैं.  छात्र प्रिंसिपल के खिलाफ  नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहें.

प्रशासन ने समझाइश देकर वापस भेजा
इस मामले में जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय ने बताया कि बच्चे कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल जाने की जिद पर अड़े हुए थे. वे किसी से बात करने को तैयार नहीं हैं और अधिकारी उनके पीछे-पीछे चल रहे हैं और उन्हें बस में बिठाने की कोशिश कर रहे हैं. शहडोल जिले में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि हॉस्टल के छात्र अपनी शिकायतें बताने के लिए पैदल चलकर कलेक्ट्रेट गए हों.  जिले के अलग-अलग हॉस्टलों के छात्र पहले भी ऐसा कर चुके हैं. हालांकि प्रशासन ने छात्रों को रोक लिया है. अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की और उनकी मांगों को लेकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया. जिसके बाद छात्र वापस हॉस्टल लौट गए.

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पूजा सिंह एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 5 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय (हाइपरलोकल) मुद्दों की सटीक व रियल-टाइम डिजिटल कवरेज पर उनकी मजबूत पकड़ है.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद पूजा ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने Inshorts और नवभारत जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करते हुए डिजिटल जर्नलिज्म, कंटेंट क्यूरेशन और न्यूज़ डेस्क ऑपरेशंस का अनुभव हासिल किया. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देती हैं, ताकि पाठकों तक हर जरूरी अपडेट तेजी से पहुंचे.पूजा सिंह से आप Pooja1.Singh@India.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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