हड़ताल खत्म, पटरी पर लौटी सफाई व्यवस्था: दिवाली से ठीक पहले सरकार ने मानी सफाई कर्मचारियों की बात, इन मुद्दों पर बनी सहमति
मध्य प्रदेश में 3 दिनों से खड़ा स्वच्छता संकट अब खत्म हो गया है, क्योंकि नगर निगम के करीब 15 हजार कर्मचारी मांगों पर सहमति बनने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म कर काम पर वापस लौट आए हैं.
मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से चली आ रही 15 से अधिक सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है और सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई सकारात्मक चर्चा और मांगों पर सहमति बनने के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया. सफाई कर्मचारियों की चार मांगों को लेकर तीन दिन चली हड़ताल के बाद भोपाल की सड़कों पर 2,550 टन कचरा जमा हो गया था.
दिवाली से ठीक पहले सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म होने से लोगों ने राहत की सांस ली है और तीन दिन से पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था को सुधारने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि भोपाल निवास पर सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंटकर कर्मचारियों के कल्याण एवं उनसे जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की.
इन प्रमुख मुद्दों पर बनी सहमति:
वेतन में बड़ा इजाफा: 25 दिन काम करने वाले सफाईकर्मियों का मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर सीधे 25,000 रुपये करने पर सहमति बनी है.
नियमितीकरण का रास्ता साफ: 25 दिवसीय कर्मचारियों को नियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, जिससे उनका वेतन बढ़कर 18,000 से 20,000 रुपये के दायरे में आने की संभावना है.
दैनिक वेतनभोगियों को राहत: 29 दिवसीय और अन्य दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया को एक महीने के भीतर शुरू करने का आश्वासन दिया गया है.
आम जनता को मिली बड़ी राहत
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दीपावली से ठीक पहले धनतेरस के दिन भोपाल की सड़कों, बाजारों, रिहायशी इलाकों और मोहल्लों में करीब 2550 टन कचरा जमा हो गया था और लोगों को इस बात की चिंता सताने लगी थी कि ऐसे में माता लक्ष्मी का स्वागत कैसे करेंगे, अपने घरों की सफाई तो कर ली, लेकिन अब वे घर का कचरा बाहर नहीं फेंक पा रहे थे. नगर निगम का अमला शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए युद्ध स्तर पर जुट गया, जिससे त्योहार के सीजन में आम जनता को बड़ी राहत मिली है.
13 घंटे में पूरा साफ हुई राजधानी भोपाल की सड़कें
सफाईकर्मियों की हड़ताल की वजह से 72 घंटे से कूड़े और गंदगी से पटी पड़ी भोपाल की सड़कें सिर्फ 13 घंटे में ही पूरी तरह साफ हो गई है, क्योंकि हड़ताल खत्म करते ही कर्मचारी काम में जुट गए थे. शुक्रवार रात करीब 8 बजे सफाई की शुरुआत हुई और शनिवार सुबह 9 बजे तक न्यू मार्केट समेत प्रमुख बाजार और रहवासी इलाकों की सड़कें पूरी तरह साफ हो गईं.
हड़ताल पर थे करीब 15 हजार कर्मचारी
नगर निगम के कुल 18,000 कर्मचारियों में से लगभग 15 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल थे. इनमें करीब 14 हजार दैनिक वेतन भोगी यानी दिहाड़ी मजदूर और 1 हजार आउटसोर्स कर्मचारी हैं, जो 21 जोन और 85 वार्डों में काम करते हैं.