SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

विंध्य-बुदेलखंड को बड़ी सौगातः पहली बार रेल से जुड़ा सीधी-पन्ना, 3.33 KM की अटल-टनल क्यों है खास

मध्य प्रदेश के लोगों को बड़ी सौगात मिली है. 24 अक्टूबर को रेल मंत्री और मुख्यमंत्री ने सतना-देवेंद्रनगर व रीवा-चुरहट रेलखंडों का उद्घाटन किया. इससे पन्ना और सीधी को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ा है.

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 24, 2026, 10:37 PM IST | Updated: Oct 24, 2026, 10:48 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS
Join

24 अक्टूबर का दिन विंध्य और बुंदेलखंड के लिए ऐतिहासिक रहा है. इस दिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सतना-देवेंद्रनगर (53 किमी) और रीवा-चुरहट (65 किमी) रेलखंडों का उद्घाटन किया. कुल 118 किमी की इन दो लाइनों के साथ ही देवेंद्रनगर-चुरहट नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई है.

सबसे बड़ी उपलब्धि है कि आजादी के बाद पहली बार सीधी और पन्ना जिला रेल नेटवर्क से जुड़ गया है. ये दोनों रेलखंड ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा हैं. रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि अगले 6 महीनों में पन्ना और सीधी जिला मुख्यालय में ट्रेन पहुंच जाएगी.

दोनों रेलखंडों का महत्व

1. सतना-देवेंद्रनगर (पन्ना) रेलखंड सतना, नागौद और देवेंद्रनगर की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा. इससे चूना पत्थर आधारित उद्योगों और सीमेंट संयंत्रों को बढ़ावा मिलेगा.

2. रीवा-चुरहट (सीधी) रेलखंड पहाड़ी भूभाग से गुजरता है, जिसमें 3.33 किमी लंबी सुरंग सहित कई पुल और सुरंगें बनाई गई हैं. यह सीधी को सीधे रीवा से जोड़ेगा और भविष्य में सीमेंट, क्लिंकर और खनिज परिवहन का बड़ा मार्ग बनेगा.

उद्योग, व्यापार, पर्यटन को गति

नई ट्रेन सेवा से छात्रों, कर्मचारियों, व्यापारियों को आवागमन का सस्ता और सुगम विकल्प मिलेगा. मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी सहित विंध्य के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को लाभ होगा.

नई ट्रेन सेवा से यात्रियों को लाभ

देवेंद्रनगर-चुरहट ट्रेन सेवा शुरू होने से स्थानीय यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को आवागमन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा. इससे आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा. साथ ही शिक्षा, व्यापार और रोजगार संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.

अटल-टनल की क्या है खासियत

1. इस अटल टनल की लंबाई 3.33 किमी बताई जाती है. 
2. यह चुहिया घाटी की पहाड़ियों के बीच बनी हुई है.
3. यह सुरंग रीवा-सीधी रेल लाइन का अहम हिस्सा मानी जाती है. 
4. चट्टानों के बीच रेल मार्ग बनाने के लिए इंजीनियरिंग की बड़ी चुनौती रही. 
5. इसे मध्य प्रदेश की सबसे लंबी रेल सुरंग बताया गया है.

प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 350 किमी

इसके बारे में पश्चिम मध्य रेलवे महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 350 किमी थी. इसमें 110 किमी पहले हम लोग इनॉग्रेट कर चुके थे. अब 120 किमी का संचालन शुरू किया है. इसके बाद 120 किमी बचा है, उसे हम लोगों ने 4 पार्ट में डिवाइड कर रखा है. उन्होंने बताया कि टारगेट है कि आने वाले 6 महीने में एक तरफ सीधी जिले हेडक्वार्टर पहुंचे. दूसरी तरफ हम लोग पन्ना पहुंचे.

उन्होंने बताया कि पन्ना-खजुराहो रेल सेक्शन काफी कठिन है. इस रूट पर टनल और पहाड़ियां होने के कारण निर्माण कार्य में समय लगेगा. इसे 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य है. हालांकि, पन्ना और सीधी जिले को सतना के रास्ते रेल कनेक्टिविटी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए 2027 में किसी भी 
समय उद्घाटन हो सकता है.

उन्होंने बताया कि सीधी से सिंगरौली के बीच रेल लाइन परियोजना में करीब 12 टनल बनाई जा रही हैं. इनमें से लगभग आधी टनल पर काम चल रहा है. इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि जनता को जल्द लाभ पहुंचाने के लिए छोटे-छोटे रेल सेक्शन भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाएंगे.

विंध्य के लिए ऐतिहासिक क्षण

सतना से सांसद गणेश सिंह का कहना है कि बुंदेलखंड और विंध्य के लिए बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है. उन्होंने कहा कि बहुत सालों से इसका इंतजार था, जो आज पूरा हो गया है. इससे विकास की एक नई गति आने वाली है. वहीं नागौर विधायक नागेंद्र सिंह का कहना है कि एक दिन का इंतजार कर रहे थे, वह दिन आ गया है. उन्होंने नागौर की जनता की तरफ से देश के प्रधानमंत्री और रेलमंत्री का आभार व्यक्त किया.

ये भी पढ़ेंः छत्तीसगढ़ में 2 नए कॉरिडोर के साथ होगा रेलवे नेटवर्क का विस्तार, रेल मंत्री ने बताया पूरा प्लान

यहां पहली बार ट्रेन देखी

वहीं स्थानीय युवक वीरेंद्र तिवारी और महिला प्रतिमा सिंह का कहना है कि आज भारत देश की आजादी के बाद ऐसा पहला स्वर्णिम मौका है. यहां पर हम लोगों ने ट्रेन देखी है. उनका कहना है कि हमारे पास में रेलवे स्टेशन सतना में है. दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों के लोग हैं, उन्होंने आज पहली बार ट्रेन देखी है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES