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MP के पटवारियों को कानूनी पचड़ों से बड़ी राहत: स्वामित्व योजना के विवादों में नहीं दर्ज होगा केस

MP News: मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान होने वाले विवादों के लिए पटवारियों पर अब कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाएगा. राजस्व विभाग ने इस संबंध में एक अहम आदेश जारी किया है.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 11, 2026, 07:49 AM IST | Updated: Oct 11, 2026, 07:53 AM IST
Image Credit: MP के पटवारियों को कानूनी पचड़ों से बड़ी राहत- (Ai Photo)
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मध्य प्रदेश के पटवारियों के लिए अच्छी खबर है. अब स्वामित्व योजना के तहत जमीन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में किसी विवाद की स्थिति में पटवारियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाएगा. राजस्व विभाग ने इस संबंध में सुरक्षा देने के लिए 'धारा 218' के तहत एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है,जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.

मुख्यमंत्री और पटवारी संघ के बीच बनी सहमति
यह फैसला शुक्रवार रात मुख्यमंत्री और पटवारी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच हुई एक अहम बैठक में बनी सहमति के बाद लिया गया है. कुछ समय से कानूनी कार्रवाई और FIR के डर से पटवारियों में काफी नाराजगी थी, जिसके चलते वे विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. अब सरकार द्वारा कानूनी सुरक्षा का यह कवच दिए जाने के बाद उनका विरोध-प्रदर्शन खत्म हो गया है.

50 लाख रजिस्ट्रियों का रखा गया है बड़ा टारगेट
फिलहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू किए गए एक खास अभियान के तहत अगले एक महीने में 50 लाख रजिस्ट्रेशन पूरे करने का एक बड़ा लक्ष्य रखा गया है. इस आदेश के बाद पटवारी बिना किसी कानूनी डर या दबाव के स्वतंत्र रूप से अपना फील्ड का काम कर सकेंगे, जिससे 'स्वामित्व' योजना को लागू करने में भी नई गति मिलेगी.

स्वामित्व योजना क्या है?
स्वामित्व योजना केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसे 24 अप्रैल 2020 को शुरू किया गया था. इसका पूरा नाम सर्वे ऑफ विलेजेज आबादी एंड मैपिंग विद इम्प्रोवाइज़्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरियाज है. इस योजना का मुख्य मकसद ग्रामीण आबादी इलाकों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्ति से जुड़े कानूनी अधिकार और दस्तावेज उपलब्ध कराना है.

आपराधिक कार्रवाई का डर खत्म
इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार और पटवारियों के बीच बनी सहमति से स्वामित्व योजना को लेकर बना गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है. धारा 218 के तहत कानूनी सुरक्षा के प्रावधान ने जमीनी स्तर पर काम कर रहे पटवारियों के मन से आपराधिक कार्रवाई का डर और आशंका दूर कर दी है. एक महीने के भीतर 50 लाख रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रशासन और कर्मचारियों के बीच तालमेल बहुत जरूरी था और इस नए आदेश के बाद यह प्रक्रिया अब फिर से पटरी पर आ गई है.

अब जब कानूनी पेचीदगियों और अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं, तो पटवारी बिना किसी डर के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकेंगे. इससे न केवल सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान में तेजी आएगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों के उन लाखों परिवारों को भी, जो लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे, जल्द ही संपत्ति के कानूनी अधिकार (प्रॉपर्टी कार्ड) मिल सकेंगे.
 

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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