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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वृंदावन में हाल ही में हुई घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि आज के समय में सनातन धर्म और संस्कृति पर चारों तरफ से हमले हो रहे हैं. ऐसे में धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. इसी को देखते हुए बाबा बागेश्वर ने बागेश्वर धाम आने वाली माताओं-बहनों के लिए एक विशेष अपील जारी की है. उन्होंने कहा है कि महिलाएं अकेले धाम की यात्रा करने से बचें और किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें. बाबा ने कहा कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है.
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महिलाओं से की खास अपील
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन पर चारों तरफ से हमले और कुठाराघात हो रहा है. उन्होंने बागेश्वर धाम आने वाली माताओं और बहनों से खास अपील की कि वे अकेले न आएं. अगर वे अकेले आती हैं, तो किसी पर भी आंखें मूंदकर भरोसा न करें, न ही उनके साथ कहीं जाएं और धाम में ज्यादा समय तक न रुकें. बाबा बागेश्वर ने बताया कि धाम लगभग 5 किलोमीटर के इलाके में फैला हुआ है. मंदिर परिसर और हॉल की व्यवस्था एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी धाम की है, लेकिन पूरे क्षेत्र में सुरक्षा उपलब्ध कराना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि स्वयं सतर्क, सजग और सावधान रहें, अकेले न आएं और अनजान लोगों पर भरोसा न करें. स्वयं समझदार बनें और दूसरों को भी जागरूक करें.
महिलाओं की सुरक्षा
आश्रम को लेकर बाबा बागेश्वर की यह अपील महिलाओं की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है. धार्मिक यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं की थोड़ी सी सावधानी और समझदारी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने में बहुत असरदार साबित होगी. पंडित धीरेंद्र शास्त्री का बयान न केवल तीर्थ स्थल पर सुरक्षा की व्यावहारिक सीमाओं को उजागर करता है, बल्कि महिलाओं को एक जरूरी सीख भी देता है, उन्हें सावधान रहने और अजनबियों की चालबाज़ियों से खुद को बचाने की सलाह देता है.
बाबा बागेश्वर ने क्रांति गौड़ को दिया आशीर्वाद
एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत और गोल्ड मेडल जीतने के बाद क्रिकेटर क्रांति गौड़ भारत लौटीं. इसके बाद वह बागेश्वर धाम गईं. वहां पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले मुख्य बालाजी सरकार मंदिर के गर्भगृह में मत्था टेका और पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान क्रिकेटर ने अपने ऐतिहासिक खेल सफर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिले अनुभवों के बारे में बताया. बाबा बागेश्वर ने उन्हें गोल्ड मेडल जीतने पर बधाई दी, उन्हें अंगवस्त्र और प्रसाद भेंट किया, और भविष्य में भी वैश्विक मंच पर भारतीय क्रिकेट और देश का मान बढ़ाने का आशीर्वाद दिया.