थाने से लेती थी प्रोटोकॉल, फिर IAS बनकर सरकारी दफ्तरों का करती थी निरीक्षण...तृप्ति सिंह के कांड का नया खुलासा!
Bhopal News: फर्जी IAS अधिकारी तृप्ति सिंह राजपूत खुद को गोविंदपुरा की SDM बताकर स्थानीय पुलिस स्टेशनों से VIP प्रोटोकॉल और पुलिस की तैनाती हासिल करती थी. इसके बाद वह सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण करती थी.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में फर्जी IAS अधिकारी तृप्ति सिंह राजपूत के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी तृप्ति सिंह खुद को ऊंचे ओहदे की IAS अधिकारी बताकर सरकारी व्यवस्था को धोखा देती रही थी. उसने न सिर्फ अधिकारियों पर अपना रौब जमाया, बल्कि खुद को गोविंदपुरा की SDM बताकर स्थानीय पुलिस थानों से VIP प्रोटोकॉल और पुलिस सुरक्षा भी हासिल कर लेती थी.
फर्जी IAS तृप्ति सिंह राजपूत मामले में बड़ा खुलासा
इस मामले में एक बड़ा खुलासा तब हुआ जब एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह अयोध्या नगर TI द्वारा उपलब्ध कराए गए पुलिस दल के साथ सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण करती हुई दिखाई दीं. वीडियो में वह बिल्कुल एक असली IAS अधिकारी की तरह दफ्तरों का निरीक्षण करती नजर आ रही हैं. पुलिस प्रशासन इस धोखाधड़ी के तरीके को देखकर हैरान है.
बागसेवनिया पुलिस फिर ले सकती है रिमांड पर
फिलहाल, बागसेवनिया पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है. पुलिस तृप्ति सिंह राजपूत को फिर से रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उन सरकारी दफ्तरों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके जहां उसने नकली निरीक्षण किए थे और उन पुलिस स्टेशनों के बारे में भी पता लगाया जा सके जहां से उसने सुरक्षा कवर लिया था. रिमांड के दौरान, पुलिस उससे जाली दस्तावेजों और उसके किसी भी संभावित साथी के बारे में भी विस्तार से पूछताछ करेगी.
तृप्ति ने ऐसे बिछाया जाल
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पुलिस इस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है. दरअसल, डेढ़ साल पहले तृप्ति अपने ड्राइवर की शिकायत लेकर अयोध्या नगर थाने गई थी. वहां उसने खुद को IAS अधिकारी बताया. जब थानेदार ने बैच पूछा तो उसने कहा कि वह लास्ट बैच की IAS है. उस वक्त थाने में थानेदार का छोटा भाई रोहित भी था, जो UPSC की तैयारी कर रहा था. थानेदार ने तृप्ति से रोहित को गाइड करने को कहा. इसी के बाद तृप्ति ने ठगी शुरू कर दी. वह युवाओं को नौकरी और कारोबारियों को होटल-रिसॉर्ट की लीज दिलाने के नाम पर पैसे ठगने लगी.
गोविंदपुरा की SDM कैसे बनी?
इसके अलावा, जांच में पता चला कि तृप्ति ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की 2025 की फाइनल सिलेक्शन लिस्ट में भी छेड़छाड़ की थी. आरोप है कि उसने लिस्ट में एक दूसरे कैंडिडेट का नाम हटाकर अपना नाम डाल दिया था. पुलिस के मुताबिक, उसने इस नकली डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल करके खुद को गोविंदपुरा का SDM बताया था.