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मध्य प्रदेश में इस साल मानसून सीजन का आखिरी दौर शुरू हो गया है. भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, अगले हफ्ते से राज्य से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो जाएगी. राज्य के पूर्वी हिस्से, खासकर जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा रहा है. जहां ज्यादातर जिलों में तय कोटे से ज्यादा बारिश हुई है, वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 2 से 20 प्रतिशत तक बारिश की कमी दर्ज की गई है. रविवार को मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने से भारी बारिश का दौर थम गया. भोपाल, इंदौर और जबलपुर में धूप और बादल दोनों देखने को मिले. मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से यह सिस्टम कमजोर हो जाएगा, जिसके बाद कई जिलों में हल्की बारिश के साथ तेज धूप खिलने के आसार हैं.
प्रदेश में अब तक 37.7 इंच बारिश
रविवार तक प्रदेश में 37.7 इंच बारिश हो चुकी है, जो तय कोटे का 95.8 प्रतिशत है. सिर्फ 0.2% और बारिश होते ही प्रदेश सामान्य बारिश की श्रेणी में आ जाएगा. अगर अगले 3 दिन में कहीं हल्की बारिश भी हुई तो यह आंकड़ा पूरा हो सकता है. पिछले 48 घंटों में गहरे अवदाब के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश हुई. इससे नदियां उफान पर आ गईं और कई डैम के गेट खोलने पड़े. रविवार से यह सिस्टम कमजोर हो गया है, जिससे भारी बारिश थम गई है. भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में धूप-छांव वाला मौसम रहा.
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज सोमवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है.
भारी बारिश का अनुमान नहीं
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले चार दिनों में राज्य के किसी भी जिले में अति भारी बारिश या भारी बारिश की उम्मीद नहीं है. मंगलवार से उज्जैन, इंदौर और ग्वालियर-चंबल डिवीजन में तेज़ धूप रहने की उम्मीद है. बता दें कि मानसून के जाने के साथ ही मध्य प्रदेश अब पूरी तरह शुष्क मौसम की ओर बढ़ रहा है. 95% से अधिक बारिश का आंकड़ा राज्य के लिए राहतजनक है, लेकिन जिलों के बीच बारिश का असंतुलन चिंता का विषय बना हुआ है. भारी बारिश का दौर थमने के साथ ही, राज्य में अब तेज़ धूप और मौसमी गर्मी का नया दौर शुरू होने वाला है.