64 करोड़ की संपत्ति मामला: हेड कांस्टेबल फिरोज खान की जांच का दायरा बढ़ा, लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल से हो रही मॉनिटरिंग
हेड कांस्टेबल चालक फिरोज खान की करीब 64 करोड़ की संपत्ति मामले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है. अब इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल से की जा रही है. जांच एजेंसी फिरोज की अन्य संभावित संपत्तियों के साथ ही उसकी पत्नी, परिचितों और कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
इंदौर के पुसिल ट्रेनिंग कॉलेज में तैनात हेड कांस्टेबल चालक फिरोज खान की करीब 64 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस की जांच तेज हो गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब भोपाल स्थित लोकायुक्त मुख्यालय से भी जांच की सीधे निगरानी की जा रही है. जांच में इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चालक के पद पर कार्यरत कर्मचारी के पास इतनी बड़ी संपत्ति कहां से आई और इसे किस तरह अर्जित किया गया. वहीं फिरोज खान के परिवार में आयोजित शादी, पार्टियों और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने वाले करीबी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है. लोकायुक्त पुलिस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
लोकायुक्त टीम फिरोज खान से जुड़ी संभावित संपत्तियों की जांच कर रही है. इसके साथ ही उनकी पत्नी हिना खान, उनकी महिला परिचितों और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. इस जांच का मुख्य केंद्र जमीन के लेन-देन में हुई अनियमितताओं और स्टाम्प ड्यूटी से जुड़ी कथित गड़बड़ियों पर है. सूत्रों के अनुसार, आशंका है कि जमीन के कुछ सौदों की वजह से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हुआ है. एजेंसी संपत्ति की रजिस्ट्री में दर्ज मूल्यों, मौजूदा बाजार दरों और वास्तव में चुकाई गई स्टाम्प ड्यूटी के बीच के अंतर की जांच कर रही है.
स्कीम 94 की प्रॉपर्टी डील पर पुलिस की नजर
जांच के दौरान इंदौर स्कीम 94 में हुए एक प्रॉपर्टी सौदे पर भी ध्यान दिया जा रहा है. इसके अलावा, मगरखेड़ा की रहने वाली कस्तूरी बाई की जमीन से जुड़ा एक मामला भी सामने आया है. कस्तूरी बाई का अब निधन हो चुका है. इस जमीन से जुड़े सौदे और संबंधित दस्तावेजों की फिलहाल जांच की जा रही है. हालांकि, इस मामले में किसी तरह की गड़बड़ी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
लोकायुक्त पुलिस जांच में जुटी
लोकायुक्त की जांच में फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों के नाम पर 46 अचल संपत्तियों का पता चला है. एजेंसी इन संपत्तियों के असली मालिकों, इन्हें खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों के स्रोत और कथित आय से इनके संबंध की जांच कर रही है. जांच का दायरा सिर्फ फिरोज खान तक ही सीमित नहीं है. उनके करीबी लोगों और अधिकारियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है. सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दावों और इन लेन-देनों से जुड़े नए सुरागों की भी जांच की जा रही है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई और संपत्ति या वित्तीय लेन-देन ऐसा तो नहीं है, जिसकी अभी तक जांच नहीं हुई है.
क्या है पूरा मामला?
इंदौर के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में तैनात हेड कांस्टेबल ड्राइवर फिरोज खान आय से कहीं अधिक संपत्ति रखने और गलत तरीके से जमीन की खरीद-फरोख्त के आरोप है. 14 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर और देवास में उनसे जुड़ी 15 जगहों पर छापेमारी की. जांच में अब तक 46 अचल संपत्तियों का पता चला है, जो उनके परिवार के सदस्यों, करीबी सहयोगियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं. इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 64 करोड़ बताई जा रही है.
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