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MP Cabinet Decisions: स्कूल शिक्षा में 0 % ड्रॉपआउट, 2800 MW बिजली खरीद को मंजूरी, मोहन कैबिनेट के जानें बड़े फैसले

मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में शिक्षा, वन्यजीव संरक्षण, टेलीकॉम, परिवहन और बिजली को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी गई. प्राथमिक शिक्षा में ड्रॉपआउट दर शून्य होने, 2800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने और सुगम परिवहन योजना पर चर्चा हुई.

MP Cabinet Decisions: स्कूल शिक्षा में 0 % ड्रॉपआउट, 2800 MW बिजली खरीद को मंजूरी, मोहन कैबिनेट के जानें बड़े फैसले
Image Credit: Zee Media

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक की गई. बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके साथ-साथ कुछ अहम फैसलों पर मुहर भी लगी है. वहीं कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने बैठक में लिए गए फैसलों पर जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एमपी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने बताया कि साल 2002-03 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉप आउट दर 15 फीसदी थी, जो अब सीएम के नेतृत्व में शून्य हो गई है. उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में 0 फीसदी ड्रॉपआउट का लक्ष्य हासिल करना प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने आगे बताया कि सीएम मोहन यादव ने दो दिन पहले गांधीसागर अभ्यारण के पास जंगल में मादा चीता राधा को छोड़ा है. इसके साथ ही गांधीसागर इलाके में चीतों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है, जबकि पूरे प्रदेश में इनकी संख्या कुल 55 पहुंच गई है. यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण के प्रति मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता और प्रदेश की तरफ से इस दिशा में निभाई जा रही अग्रणी भूमिका को दर्शाती है.

बेंगलुरु में सीएम करेंगे रोड शो
कैबिनेट मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव बेंगलुरु में रोड शो के लिए जा रहे हैं. इस दौरान मध्यप्रदेश में टेलीकॉम क्षेत्र में निवेश और विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल सामने रखी जाएगी. उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में टेलीकॉम क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के दूरसंचार मंत्रालय के सहयोग से ग्वालियर में करीब 100 से 150 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक टेस्टिंग फैसिलिटी से युक्त टेलीकॉम हब स्थापित किया गया है. टेलीकॉम हब के फेज-1 में उपलब्ध सभी जमीनें टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बुक की जा चुकी हैं. अब फेज-2 की शुरुआत की गई है.

बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में इंदौर से भोपाल और भोपाल से जबलपुर तक ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है. इन परियोजनाओं को प्रदेश की आर्थिक प्रगति और औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा. इसी क्रम में इंदौर से जबलपुर के बीच औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना है, जिसके तहत चार स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. साथ ही, युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक बड़ी स्किल सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा.

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना
परिवहन व्यवस्था को लेकर उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश रोडवेज के बंद होने के बाद पिछले करीब 20 वर्षों से यात्री परिवहन व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही थी. अब राज्य सरकार इस व्यवस्था को व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. इसी कड़ी में 25 सितंबर को भोपाल से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना' का शुभारंभ किया जाएगा. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना है. इसी दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी. मार्च तक एग्रीमेंट के माध्यम से 1,000 बसों को परिवहन व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है, जबकि वर्ष 2030-31 तक पूरे प्रदेश में 14,981 बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है.

इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता
कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने आगे बताया कि योजना के तहत निजी बस ऑपरेटरों की बसों का उपयोग किया जाएगा. इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी. यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बसों में GPS, CCTV और ऑनलाइन ट्रैकिंग की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा PPP मॉडल के तहत सात आधुनिक बस टर्मिनल विकसित किए जाएंगे. गांवों और शहरों को रेलवे स्टेशनों से जोड़ते हुए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा.

सरकार क्यों नहीं खरीदेगी बस?
इस मॉडल के तहत सरकार खुद बसों की खरीदेगी नहीं, बल्कि परिवहन व्यवस्था के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी निभाएगी. इसे देश में अपनी तरह का एक अभिनव मॉडल बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास और बढ़ती आबादी के कारण बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है. इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का निर्णय लिया है. इससे प्रदेश की बढ़ती विद्युत जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और वर्ष 2037 तक अनुमानित बिजली मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान होगा.

कब होगा जन विश्वास कार्यक्रम?
वहीं एमपी सरकार का महत्वपूर्ण जन विश्वास अभियान हर शुक्रवार को आयोजित किया जाता है. इसके तहत प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि फील्ड में जाकर पंचायत स्तर पर शिविर लगाते हैं. यह भी बताया गया है कि आमजन की समस्याओं का उनके द्वार पर ही निराकरण सुनिश्चित करते हैं. इसके अलावा, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी एवं गणेश विसर्जन का महत्वपूर्ण पर्व पर सीएम ने इस सप्ताह का जन विश्वास अभियान 25 सितंबर की जगह 26 सितंबर को आयोजित करने का निर्णय लिया है.

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Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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