App

1000KM दूर आंध्र में टकराया चक्रवात अर्नब, फिर MP तक असर कैसे? पांढुर्णा में भीगा हजारों क्विंटल मक्का, जानें कहां-कहां हुआ नुकसान

मध्य प्रदेश में भी अब चक्रवात 'अर्नब' का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है. राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में नमी से भरी हवाओं के कारण बारिश हो रही है. आइए जानते हैं कि इसका असर मध्य प्रदेश तक कैसे पहुंचा है.

1000KM दूर आंध्र में टकराया चक्रवात अर्नब, फिर MP तक असर कैसे? पांढुर्णा में भीगा हजारों क्विंटल मक्का, जानें कहां-कहां हुआ नुकसान
Image Credit: अर्नब तूफान का MP तक असर कैसे? (Photo Ai)

मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ली. बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम (अर्नब) के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और बादल छाने की स्थिति बनी. इसका असर 28 अक्टूबर की शाम से ही पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में दिखने लगा था, जबकि 29 अक्टूबर को सिंगरौली और पांढुर्णा सहित कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई. बेमौसम की इस बारिश ने किसानों और कृषि उपज मंडियों की चिंता बढ़ा दी है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि पांढुर्णा मंडी में खुले में रखा हजारों क्विंटल मक्का बारिश की चपेट में आ गया है.

कई जिलों में भारी बारिश 

बंगाल की खाड़ी में बने और 1,000 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाले शक्तिशाली चक्रवात 'अर्नब' का असर अब मध्य प्रदेश के मौसम पर भी दिखने लगा है. चक्रवात के तट से टकराने के बाद नमी से भरी हवाएं छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य प्रदेश में प्रवेश कर गईं. पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और उत्तर की ओर से आने वाली हवाओं के इस मिलन ने मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज अचानक बदल दिया है, जिससे राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं. लेकिन सवाल यह उठता है कि 1,000 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश से टकराने वाले चक्रवात 'अर्नब' का मध्य प्रदेश पर इतना असर कैसे हो सकता है?

अर्नब तूफान का MP तक असर कैसे?

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम नमी से भरी हवाओं को मध्य भारत और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से की ओर खींच रहा है. हालांकि यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था, जो मध्य प्रदेश से 1,000 किलोमीटर से भी अधिक दूर है. लेकिन यह इतना शक्तिशाली है कि इससे जुड़ी हवाएं छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश तक पहुंच रही हैं. इसके कारण घने बादल छा गए हैं. साथ ही एक 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' और उत्तर दिशा से आने वाली हवाओं के मिलने से मौसम में अचानक और बड़ा बदलाव आया है.

जानें कहां-कहां हुआ नुकसान

पांढुर्णा जिला: खुले बाजारों और खेतों में रखा हजारों क्विंटल मक्का पूरी तरह से भीग गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. मक्के की फसल बर्बाद होने से किसानों की महीनों की कड़ी मेहनत बेकार चली गई है.

शहडोल जिला: शहडोल में कल रात से हो रही लगातार भारी बारिश ने किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है. इस इलाके में धान, उड़द और तिल जैसी खरीफ की फसलें पूरी तरह पक चुकी थीं और खेतों में कटाई के लिए तैयार थीं. मजगवां और चटहा गांवों के किसानों ने बताया कि वे अभी कटाई शुरू करने की तैयारी ही कर रहे थे कि इस बारिश ने सब कुछ खतरे में डाल दिया. इसके अलावा, उड़द की जो फसल पहले ही काटी जा चुकी थी और खलिहानों में रखी गई थी, वह भी अब लगातार हो रही बारिश के कारण खराब होने के कगार पर है.

मंडला, जबलपुर और सिवनी: पूर्वी मध्य प्रदेश के मंडला में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि जबलपुर और उसके आस-पास के इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है. यहां भी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Ranjana Kahar

Ranjana Kahar

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More