MP में अगले 4 दिन चक्रवात अर्नब का असर: ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 2 डिग्री गिर गया दिन का तापमान
मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक मध्य प्रदेश में चक्रवात अर्नब का प्रभाव बने रहने की संभावना जताई है और ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 33 जिलों में तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है.
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल के बाद मध्य प्रदेश के मौसम में भारी बदलाव देखा जा रहा है और कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले 4 दिनों तक प्रदेश में इस चक्रवात का प्रभाव बने रहने की संभावना जताई है और ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 33 जिलों में तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है.
इसके साथ ही चक्रवात की वजह से चल रही ठंडी हवाओं और बादल छाए रहने के बाद गुरुवार को दिन के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम केंद्र के अनुसार, राजगढ़, विदिशा, मंदसौर, नीमच और चंबल-ग्वालियर अंचल के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है.
इन जिलों में आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 33 जिलों में तेज आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है. इसमें राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले शामिल हैं.
शहडोल में मौसम ने बदली करवट
शहडोल जिले में चक्रवात अर्नब की वजह से अचानक मौसम ने करवट बदल ली है, जहां रुक-रुक कर हो रही तेज और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. बेमौसम बारिश के कारण इलाके में अचानक ठंड और ठिठुरन काफी बढ़ गई है, जिससे सुबह से ही आम जनजीवन पर असर दिखने लगा है और लोग ठंड से बचने का सहारा ढूंढते नजर आ रहे हैं.
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मानसून की विदाई के बाद भी हो रही बारिश
मानसून की वापसी के बाद भी मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और शुक्रवार को भी पूर्वी क्षेत्र में मौसम के और खराब होने की आशंका है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे निचले इलाकों में जाने से बचें, आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और गीली सड़कों पर यात्रा करते समय सावधानी बरतें. 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो गई, लेकिन इसके बावजूद पूरे महीने बारिश का दौर जारी रहा. ऐसा सामान्य मानसून पैटर्न से अलग मौसम प्रणालियों के कारण हुआ, जिसमें बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात का प्रभाव भी शामिल है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर के महीने में बारिश, गर्मी और ठंड, तीनों का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है. इस महीने कहीं तेज धूप और साफ आसमान रहा, तो कई जिलों में रात के तापमान में गिरावट के साथ-साथ बारिश भी दर्ज की गई. दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग 100 दिनों तक सक्रिय रहा, और इसकी विदाई के बाद भी स्थानीय मौसम प्रणालियों की वजह से बारिश का सिलसिला जारी है. (इनपुट- न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस)