बंडा शराब कांड: दिग्विजय सिंह का बड़ा आरोप, पूर्व मंत्री के होटल-बार की जांच की मांग
सागर के बंडा शराब कांड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाजरत लोगों से मुलाकात की. उन्होंने करीब 45 मौतों का दावा करते हुए प्रशासन पर आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया. साथ ही बुलडोजर कार्रवाई को दिखावा बताया. पूर्व मंत्री से जुड़े होटल-बार की जांच की मांग की.
बंडा शराब कांड को लेकर सागर जिले में सियासत गरमा गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जहरीली शराब से बीमार पड़े लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना. मरीजों से बातचीत के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा में अवैध शराब के कारोबार को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए. दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से हालात बिगड़े और लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासन की भूमिका और अब तक हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच जरूरी है.
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन मौत के आंकड़े छिपा रहा है. उनके मुताबिक बंडा शराब कांड से जुड़े पूरे मामले में करीब 45 लोगों की मौत हो चुकी है और शराब कांड सामने आने से कई दिन पहले से ही क्षेत्र में मौतों का सिलसिला चल रहा था. उन्होंने 'सागर गोल्ड' नाम की शराब को लेकर भी सवाल उठाए. दिग्विजय सिंह का दावा है कि इसके सेवन से लोगों की मौत हुई और कई लोगों की आंखों की रोशनी तक प्रभावित हुई. सागर और बंडा में जहरीली शराब मामले को लेकर उनके इन आरोपों ने स्थानीय स्तर पर सियासत और तेज कर दी है.
बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने बंडा शराब कांड के बाद हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने इसे महज दिखावे की कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा कि केवल मकानों या ठिकानों पर बुलडोजर चलाने से पूरे मामले की असली सच्चाई सामने नहीं आएगी. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अवैध शराब के कारोबार पर समय रहते रोक लगाई जाती तो हालात इतने गंभीर नहीं होते. उन्होंने इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. सागर जिले में शराब कांड को लेकर दिग्विजय सिंह के बयान के बाद प्रशासनिक कार्रवाई, मौतों के आंकड़े और अवैध शराब के कारोबार को लेकर बहस और तेज हो गई है.
होटल बार की जांच की मांग
दिग्विजय सिंह ने इस दौरान पूर्व मंत्री और मंत्री से जुड़े होटल एवं बार की जांच कराने की मांग भी की. उन्होंने आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने की जरूरत बताई, ताकि बंडा शराब कांड में अगर किसी की मिलीभगत है तो उसकी जानकारी सामने आ सके. हालांकि, होटल और बार से जुड़े आरोप दिग्विजय सिंह के बयान पर आधारित हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. कांग्रेस नेता ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस आगे भी आंदोलन करेगी. उन्होंने दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की मांग उठाते हुए कहा कि मामले को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.
न्यायिक जांच आयोग का गठन
इधर, सागर के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सरकार ने न्यायिक जांच आयोग भी गठित कर दिया है. रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग बनाया गया है, जो 3 महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा. जांच के लिए तीन बिंदु तय किए गए हैं, जिनमें मौतों का कारण, आबकारी और पुलिस अधिकारियों की भूमिका समेत भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपाय शामिल किए गए हैं. आयोग का मुख्यालय सागर रहेगा. इस संबंध में GAD ने आदेश जारी कर दिया है.