स्वामित्व योजना पर टकराव: प्रोबेशन वाले 27 पटवारियों की सेवा समाप्त, विरोध में प्रदेश के 24 हजार पटवारी 4 दिन की हड़ताल पर
उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, आगर मालवा, देवास और नीमच जिलों के 27 प्रोबेशनर पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और भोपाल में तीन पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं. इसके विरोध में राज्य भर के 24,000 पटवारी चार दिन की हड़ताल पर चले गए हैं.
मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना को लागू करने को लेकर सरकार और राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बीच गतिरोध काफी बढ़ गया है. एक महीने के भीतर 50 लाख रजिस्ट्रेशन पूरे करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन शुरुआती 20 दिनों में उम्मीद के मुताबिक प्रगति न होने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया. कार्रवाई करते हुए सरकार ने उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, आगर मालवा, देवास और नीमच जिलों में तीन साल के प्रोबेशन पीरियड पर काम कर रहे 27 पटवारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं, जबकि भोपाल में तीन पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए.
8 से 11 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश की घोषणा
प्रशासनिक कार्रवाई के जवाब में मध्य प्रदेश पटवारी संघ पूरी तरह से लामबंद हो गया है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र बघेल के नेतृत्व में राज्य भर के लगभग 24,000 पटवारियों ने 8 से 11 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर जाने और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने की घोषणा की है. इस हड़ताल का आम जनता पर सीधा और बड़ा असर पड़ रहा है.
काम पूरी तरह ठप
जमीन के नामांतरण, बंटवारे, सीमांकन, फसल सर्वे, PM किसान सम्मान निधि, e-KYC, CM हेल्पलाइन की शिकायतों का समाधान और वोटर वेरिफिकेशन जैसे सभी जरूरी प्रशासनिक और जनहित के काम पूरी तरह से ठप हो गए हैं. पटवारी एसोसिएशन ने देवास कलेक्टर ऑफिस के बाहर धरना दिया है और आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है.
दमोह में पटवारियों का विरोध
दमोह में पटवारियों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा. इसमें उन्होंने पूरे राज्य में अपने साथियों की भावनाएं बताईं और मांग की कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाए. मध्य प्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले, उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से जुड़े सभी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए हैं और अब 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है.
जोर-शोर से नारेबाजी
आगर-मालवा जिले में भी स्वामित्व योजना को लेकर पटवारियों का विरोध तेज हो गया है. बुधवार को जिले भर के पटवारी कलेक्ट्रेट में इकट्ठा हुए, उन्होंने धरना दिया और जोर-शोर से नारेबाजी की. विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन की आलोचना करते हुए नारे लगाए. पटवारी संघ ने जिले में प्रोबेशन पर काम कर रहे पांच पटवारियों की सेवाएं समाप्त करने को अनुचित बताया है और उन्हें तुरंत बहाल करने की मांग की है. कलेक्टर को सौंपे गए एक ज्ञापन में पटवारी संघ ने स्वामित्व योजना की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. पटवारियों का तर्क है कि जब किसी व्यक्ति का नाम पहले से ही खसरा (जमीन के रिकॉर्ड) और राजस्व रिकॉर्ड में जमीन के मालिक के तौर पर दर्ज है, तो उसी जमीन की दोबारा रजिस्ट्री क्यों कराई जा रही है.
पटवारी संघ ने कड़ी चेतावनी
पटवारी संघ ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में किसी भी जिले में किसी पटवारी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाती है, तो राज्य भर के सभी पटवारी ऑनलाइन रेवेन्यू (राजस्व) से जुड़े काम बंद कर देंगे. एसोसिएशन ने देवास में नौकरी से निकाले जाने के फैसले को तुरंत वापस लेने, साथ ही दूसरे जिलों में किए गए सस्पेंशन और दूसरी दंडात्मक कार्रवाइयों को रद्द करने की मांग की है. अब अहम सवाल यह है कि क्या सरकार पटवारियों की मांगों पर ध्यान देगी या मध्य प्रदेश में रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम को लेकर टकराव और बढ़ेगा.