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छिंदवाड़ा डॉक्टर हड़तालः CIMS हॉस्पिटल में क्यों ठप की सेवाएं, जानिए क्या हैं उनकी मांगें?

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन के चलते कई सेवाएं ठप्प रहीं. डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल का फैसला लिया है. आइए जानते हैं कि इन डॉक्टरों की क्या-क्या मांगे हैं?

Written By Manish Kushawah
Published: Oct 27, 2026, 10:25 PM IST | Updated: Oct 27, 2026, 10:30 PM IST
Image Credit: ZEE NEWS HINDI
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छिंदवाड़ा के CIMS में मंगलवार से जूनियर डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया. 24 अक्टूबर को डीन, सिविल सर्जन, आरएमओ और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मांगों पर समाधान नहीं निकलने के बाद जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) ने यह फैसला लिया है.

एसोसिएशन ने नियमित ओपीडी, वार्ड और आपातकालीन सेवाओं में भी रेजिडेंट डॉक्टरों के काम नहीं करने की घोषणा की है. मिली जानकारी के मुताबिक, अस्पताल में रोजाना ओपीडी पर करीब 1000 मरीज आते हैं. ऐसे में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था काफी प्रभावित होगी. साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

क्या है जूनियर डॉक्टरों की मांगे ?

जूनियर डॉक्टरों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में डॉक्टरों ने अस्पताल में सुरक्षा की कमी, अनियंत्रित भीड़ और पर्याप्त सुरक्षा बल व स्टाफ नहीं होने समेत कई मांगे रखी थी. उनका कहना है कि इन समस्याओं से डॉक्टरों को सुरक्षित माहौल में काम करने में परेशानी होती है. इसका असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ता है.

मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया

वहीं एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि CIMS और जिला अस्पताल के अधिकारियों ने मांगों पर कोई ठोस और सही समाधान नहीं दिया. डॉक्टरों का कहना है कि अधिकारियों ने सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराने में अपनी सीमाएं और असमर्थता भी जताई.

डॉक्टरों के परिवारों ने जताई चिंता

साथ ही जूनियर डॉक्टरों के परिवारों ने भी इन हालात पर चिंता जाहिर की और असुरक्षित माहौल में काम करने पर आपत्ति दर्ज कराई है. JDA CIMS छिंदवाड़ा ने सभी पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों की सहमति से आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है. इसके चलते नियमित ओपीडी, वार्ड, आपातकालीन सेवाओं और अन्य नियमित चिकित्सा व शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा.

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अस्पताल प्रशासन से जानकारी लेने की सलाह

रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों की सेवा उनकी प्राथमिकता है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी जरूरी है. डॉक्टर सजीत एस. एल. का कहना है कि इमरजेंसी सेवाओं में भी रेजिडेंट डॉक्टरों के काम नहीं करने की घोषणा से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो सकती है. ऐसे में मरीजों को वैकल्पिक चिकित्सा व्यवस्था के लिए संबंधित अस्पताल प्रशासन से जानकारी लेने की सलाह दी गई है.

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मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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