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गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर भड़कीं BJP विधायक, बोलीं- गरबा के बहाने हिंदू लड़कियों को फंसाते हैं

MP News: पूर्व मंत्री और महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने गरबा कार्यक्रमों को लेकर एक बयान जारी किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ लोग एक साजिश के तहत माथे पर तिलक और कलावा पहनकर गरबा पंडालों में घुसते हैं.

Written By Ranjana Kahar
Published: Sep 23, 2026, 02:17 PM IST | Updated: Sep 23, 2026, 02:20 PM IST
Image Credit: गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर भड़कीं BJP विधायक
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मध्य प्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा पंडालों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. इस कड़ी में महू से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री ऊषा ठाकुर ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने दावा किया कि सोची-समझी साजिश के तहत कुछ गैर-हिंदू युवक माथे पर तिलक लगाकर और हाथ में कलावा बांधकर गरबा पंडालों में घुसते हैं और हिंदू लड़कियों को फंसाते हैं.

'विधर्मियों के साथ चली जाती हैं लड़कियां'
विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि, हर साल गरबा कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लड़कियां विधर्मियों के साथ चली जाती हैं, जिससे जनसंख्या परिवर्तन का असर पड़ रहा है.  उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गरबा सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं है, बल्कि आदिशक्ति की पूजा का एक पवित्र धार्मिक त्योहार है. इसलिए, आयोजकों को गरबा पंडालों की पवित्रता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए. उन्होंने मांग की कि पंडालों में सिर्फ उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाए जिनकी सनातन परंपरा और मूर्ति पूजा में आस्था हो.

हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं
MLA उषा ठाकुर ने कहा कि हर साल गरबा कार्यक्रमों के जरिए 4 लाख हिंदू लड़कियां गैर-हिंदू लड़कों के साथ जाती हैं और अगले साल 9 लाख बच्चों को जन्म देती हैं. उन्होंने दावा किया कि गैर-हिंदू पुरुष इन कार्यक्रमों के जरिए हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं और उन्हें फंसाते हैं. ठाकुर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू बेटियों को गुमराह करने की साज़िश के तहत तिलक और कलावा पहनकर गरबा पंडालों में आते हैं.

गरबा कोई एंटरटेनमेंट का कार्यक्रम नहीं- विश्वास सारंग
वहीं इससे पहले मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि, गरबा कोई एंटरटेनमेंट का कार्यक्रम नहीं है. यह देवी दुर्गा की पूजा, आराधना और स्तुति का काम है.  महिलाएं भक्ति भाव से गरबा करती हैं. गरबा में सिर्फ वही लोग शामिल हों जो हिंदू धर्म को मानते हैं. जैसे लोग पूजा के लिए मंदिर, नमाज के लिए मस्जिद, अरदास के लिए गुरुद्वारा या ईसाई प्रार्थना के लिए चर्च जाते हैं, वैसे ही लोगों को अपने धर्म से जुड़ी जगहों पर जाना चाहिए. गरबा को सिर्फ मनोरंजन का कार्यक्रम बनाना ठीक नहीं है. सीधी बात है यदि आप हिंदू धर्म का पालन और माता की स्तुति करते हैं तो आपको गरबे में जाना चाहिए. जो मुस्लिम हैं वो भी यही बोल रहे हैं जब हम माता की पूजा नहीं कर सकते तो गरबे में क्यों जाएं. एक तरफ वंदे मातरम् गाने में परहेज कर रहे हैं की ये धार्मिक है. वंदे मातरम् नहीं गाएंगे लेकिन गरबे में मनोरंजन के लिए जायेंगे.

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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