SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: 15 दिन बाद भी आरोपी केयरटेकर का सुराग नहीं, एजेंसी पर FIR

भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के 15 दिन बाद भी आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार का कोई सुराग नहीं मिला है. केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 15, 2026, 08:10 AM IST | Updated: Oct 15, 2026, 12:00 PM IST
Image Credit: रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड अपडेट
Join

भोपाल के रातीबड़ स्थित सूरज नगर में बहुचर्चित रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार जारी है. लेकिन घटना के 15 दिन बाद भी मुख्य आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार अभी भी फरार है. इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी चलाने वाले अखिलेश वर्मा के खिलाफ भी केस दर्ज किया है. जांच में पता चला कि एजेंसी चलाने वाले ने अपने यहां काम पर रखे कर्मचारी (वरुण कुमार) के बारे में पुलिस को जानकारी नहीं दी थी, जिसकी वजह से उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हो सका.

फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस


इस मामले में आरोपी केयरटेकर की तलाश के लिए पुलिस की स्पेशल टीमें लगातार ग्वालियर, मथुरा, आगरा और दिल्ली जैसे शहरों में डेरा डाले हुए हैं और उसके बारे में सुराग ढूंढ रही हैं. पुलिस के मुताबिक, 35 साल का अखिलेश वर्मा मूल रूप से सीहोर जिले का रहने वाला है. वह अभी बागसेवनिया इलाके में रहता था और वहां 'वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी' चलाता था. उसने यह एजेंसी मई 2026 में शुरू की थी. सुरक्षा में इस बड़ी चूक और तय नियमों की अनदेखी के कारण, एजेंसी चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

जानिए पूरा मामला


गौरतलब है कि 29-30 सितंबर की रात रातीबड़ के सूरज नगर इलाके में वरुण कुमार नाम के एक केयरटेकर ने रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या कर दी थी. आरोपी ने सोते समय पीड़ित का गला रेतने के लिए एक तेज ब्लेड का इस्तेमाल किया और फिर घर से मोबाइल फोन, सोना और नकदी लूट के फरार हो गया. पुलिस ने अभी तक हत्या के मामले में आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है. हत्या के बाद वह भोपाल रेलवे स्टेशन से आगरा भाग गया था.  पूरे एक हफ्ते तक पुलिस की 15 टीमों ने अलग-अलग जगहों पर आरोपी की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए ₹50,000 के इनाम की घोषणा की है.

यह भी पढ़ें: "जैसे मुस्कान को फांसी की सजा मिली, वैसे ही सोनम को..." राजा रघुवंशी की मां का छलका दर्द, की ये मांग
 

केयरटेकर का 15 दिन बाद भी सुराग नहीं


रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी केयरटेकर का 15 दिन बाद भी कोई सुराग न मिलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है. सुरक्षा के नजरिए से बिना पुलिस वेरिफिकेशन के केयर टेकर मुहैया कराने वाली एजेंसियों पर लगाम लगाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. पुलिस अलग-अलग शहरों में लगातार छापेमारी कर रही है. 
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES