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सागर जिले में जहरीली शराब कांड ने प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इसके बाद अब बैतूल में भी अवैध शराब के कारोबार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. जिले में लाइसेंसी शराब दुकानों के अलावा गांव-गांव अवैध शराब की बिक्री चल रही है. किराना दुकानों से लेकर होटल और ढाबों तक बाहरी जिलों से लाई गई शराब बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. इससे न सिर्फ लोगों की जान को खतरा बताया जा रहा है, बल्कि सरकार को राजस्व का भी नुकसान होने की बात कही जा रही है. खासकर ग्रामीण इलाकों में खुलेआम शराब बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है.
बताया जा रहा है कि लाइसेंसी शराब ठेकेदार लंबे समय से आबकारी और पुलिस विभाग को अवैध शराब बिक्री की शिकायतें लगातार मिल रही हैं. ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बाहर से शराब लाकर कम कीमत पर बेची जा रही है. शिकायतों के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं नहीं की जा रही है. कुछ ठेकेदारों ने आबकारी और पुलिस विभाग पर शराब माफिया से मिलीभगत के भी गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि, इन आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में सवाल खड़ा यह हो रहा है कि अगर शिकायतें लगातार मिल रही थीं, तो अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पाई?
कहां-कहां मिल रही शराब
वहीं, रुद्रदेव सुरा शराब ठेकेदार के मैनेजर बिपिन सिंह ने ZEE News के कैमरे पर कहा कि लाइसेंसी शराब सरकार की प्रक्रिया के तहत वेयरहाउस से लाई जाती है और उसके लिए परमिट व लाइसेंस की पूरी व्यवस्था होती है. उन्होंने कहा कि गांवों में कुछ लोग अवैध तरीके से शराब बनाकर और बाहर से लाकर बेच रहे हैं. उन्होंने कहा कि चिचोली चौक सहित कई स्थानों पर किराना दुकानों, रेस्टोरेंट और अन्य दुकानों में खुलेआम शराब बेचे जाने की शिकायतें हैं. उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी सागर जैसी घटना सामने आ सकती है.
किराना दुकानों पर शराब
ग्रामीणों का आरोप है कि कई गांवों में किराना दुकानों के सामने खुलेआम शराब की बोतलें रखकर बेची जा रही हैं. चिचोली, भीमपुर और घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैलने के आरोप लगाए जा रहे हैं. हालांकि, सागर की घटना के बाद आबकारी विभाग सक्रिय नजर आया है. पिछले दो दिनों में बैतूल शहर के कई स्थानों पर कच्ची महुआ शराब बनाने के अवैध ठिकानों पर कार्रवाई की गई है. इस दौरान देशी और विदेशी शराब भी जब्त की गई. आबकारी विभाग ने छह अवैध शराब के प्रकरण दर्ज किए हैं. इससे जिले में अवैध शराब के नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका और गहरा गई है.
क्या बोले गांव के लोग ?
चिचोली निवासी ग्रामीण जितेंद्र सिंह इवने ने बताया कि चिचोली और भीमपुर क्षेत्र में ठेकेदार के अलावा कई अन्य लोग गांव-गांव और गली-गली अवैध रूप से शराब बेच रहे हैं. उन्होंने कहा कि किराना दुकानों, ढाबों और अन्य स्थानों पर खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही. उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में सागर जैसी घटना बैतूल में होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? जितेंद्र सिंह इवने ने यह भी आरोप लगाया कि सागर की घटना के बाद कार्रवाई के नाम पर आदिवासी परिवारों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने मांग की कि अवैध शराब बेचने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
जिले में कार्रवाई चल रही
इस पर बैतूल कलेक्टर सौरभ सोनवाने ने ZEE NEWS टीम को बताया कि सागर जहरीली शराब कांड को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि बैतूल जिले में आबकारी विभाग की कार्रवाई पहले से चल रही थी. आगे कहा कि अवैध शराब के कारोबार में नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं, इसलिए इस पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग को निर्देश दिए गए हैं. दोनों विभागों की संयुक्त टीमें बनाकर विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में कार्रवाई करने को कहा गया है, जहां से अवैध शराब के परिवहन की आशंका है या जहां से शिकायतें मिल रही हैं. कलेक्टर का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में पूरे जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की गई है और आगे भी सूचना मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.