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44 तोला सोना, साढ़े 3 किलो चांदी... अशोकनगर में मां जगदंबा का दिव्य श्रृंगार, 24 घंटे कड़ी निगरानी

अशोकनगर में श्री जिंदबाबा समिति द्वारा सजाया गया देवी जगदम्बा का दरबार मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया है. 38 साल पुरानी परंपरा के तहत देवी को 44 तोला सोने और 3.5 किलो चांदी से बने आभूषणों से सजाया गया है.

Written By Ranjana Kahar
Published: Oct 18, 2026, 08:02 AM IST | Updated: Oct 18, 2026, 08:12 AM IST
Image Credit: अशोकनगर में मां जगदंबा का दिव्य श्रृंगार
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मध्य प्रदेश के अशोकनगर में भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. यहां श्री जिंदाबाबा समिति पिछले 38 वर्षों से लगातार मां जगदम्बा की एक भव्य झांकी सजाती आ रही है. इस बार माता रानी का स्वरूप इतना अलौकिक है कि उसे देखकर भक्त भावविभोर हो रहे हैं. माता को सजाने के लिए लगभग 60 लाख रुपये मूल्य के 44 तोला सोने और साढ़े तीन किलो चांदी के आभूषण पहनाए गए हैं. भक्तों द्वारा अर्पित किए गए नथ, पायल और करधनी जैसे आभूषणों से माता का दरबार जगमगा उठा है.

अशोकनगर में सजा मां जगदम्बा का दिव्य दरबार

देवी के बहुमूल्य आभूषणों और गहनों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने हथियारों से लैस गार्डों (चार लोगों की एक टीम) को तैनात किया है. 24 घंटे सशस्त्र प्रहरी मुस्तैदी के साथ निगरानी कर रहे हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो सके. साथ ही सीसीटीवी की निगरानी के साथ माता के दरबार में AC भी लगाए गए हैं.

दूर-दूर से आ रहे श्रद्धालु

समिति के अध्यक्ष महेंद्र भारद्वाज का कहना है कि भक्तों की अटूट आस्था और समर्थन के कारण यह परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है. नवरात्रि के पावन अवसर पर देवी के इस दिव्य और भव्य रूप के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं. आस्था, सुरक्षा और भव्यता का यह अनूठा संगम पूरे जिले में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है.

बगलामुखी मंदिर में भक्तों की भीड़

इस बीच, आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में महाअष्टमी के अवसर पर आज सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई है. देश भर से श्रद्धालु मां बगलामुखी का आशीर्वाद लेने और प्रार्थना करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं. मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और उनकी यात्रा सुरक्षित रहे.

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रतलाम के प्राचीन कालिका माता मंदिर में गरबा

रतलाम के प्राचीन कालिका माता मंदिर में सुबह 4:00 बजे से 6:00 बजे के बीच आयोजित होने वाला पारंपरिक गरबा इस उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. भक्त इसकी तैयारी एक रात पहले से ही शुरू कर देते हैं. पूरी रात जागरण और देवी की प्रार्थना करने के बाद भक्त सुबह-सुबह पूरे उत्साह और जोश के साथ मंदिर पहुंचते हैं. सुबह 4:00 बजे जब मंदिर परिसर में गरबा शुरू होता है, तो भक्ति, संगीत और आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है.  खास बात यह है कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे दूर-दराज के राज्यों से भी भक्त इस परंपरा में शामिल होने के लिए रतलाम आते हैं. पूरी रात प्रार्थना और जागरण में बिताने के बावजूद उनके चेहरों पर थकान का कोई नामोनिशान नहीं होता, बल्कि उनके चेहरों पर भक्ति का तेज और देवी के आशीर्वाद की गहरी उम्मीद साफ झलकती है.
 

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रंजना कहार एक डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया और डेस्क ऑपरेशंस के क्षेत्र में 4 सालों से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हलचलों, क्राइम और स्थानीय मुद्दों (हाइपरलोकल खबरों) की सटीक, निष्पक्ष व तथ्य-आधारित कवरेज में उनकी एक्सपर्टीज है.छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (बिलासपुर) से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद रंजना ने अपने करियर की शुरुआत ETV भारत से की थी. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने APN न्यूज़ के साथ भी काम किया है. कंटेंट एडिटिंग, न्यूज़ प्रोडक्शन और डेस्क मैनेजमेंट पर मजबूत पकड़ होने के कारण वे रीडर्स तक खबरें तेजी, गुणवत्ता और प्रामाणिकता के साथ पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.रंजना कहार से आप ranjana.kahar@india.com पर ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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