दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100 साल पूरे होने के ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे. पीएम मोदी ने इस दौरान 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी किया, जिस पर कॉलेज की ऐतिहासिक बिल्डिंग का प्रारूप उकेरा गया है. युवाओं के बीच पहुंचे पीएम मोदी ने जब Gen Z की बोली बोली, तो पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा.
"मैं तो यहां 6th Man हूं... - पीएम मोदी
संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने जब मंच से SRCC के कई दिग्गज पूर्व छात्रों का नाम लिया, तो चुटीले अंदाज में बोले— "मैं तो यहां छठा खिलाड़ी हूं" उन्होंने इस पल को शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक बताते हुए संस्थापक सर श्रीराम जी के योगदान को नमन किया.
पीएम ने आगे कहा-
"जब कोई इंसान 100 साल जीता है तो अनुभवों का सागर माना जाता है, लेकिन जब कोई संस्थान 100 साल पूरे करता है तो वो उपलब्धियों का महासागर बन जाता है."
SRCC कहना ही अपने आप में बड़ा Flex है
कॉलेज की दरियागंज से शुरू हुई छोटी सी यात्रा से लेकर आज के विशाल बरगद बनने तक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने युवाओं के कूल स्टाइल में कहा:
"आज भी जब कोई पूछता है कि DU में कौन सा कॉलेज मिला, तो SRCC कहना ही अपने आप में बड़ा Flex है! आपकी भाषा में कहूं तो इस कॉलेज के एलुमिनाई सही मायनों में OG और असली धुरंधर हैं."
उन्होंने अपने पुराने साथी अरुण जेटली को याद करते हुए मजेदार किस्सा सुनाया कि अरुण जी जब भी मिलते, SRCC की ही बातें करते थे. कभी-कभी तो मैं उनकी इन बातों से तंग आ जाता था!
2013 बनाम 2026: 'फ्रेजाइल 5' से दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था तक का सफर
पीएम मोदी ने अपने 13 साल पुराने चर्चित भाषण को याद दिलाते हुए कहा कि 2013 में जब वे यहां आए थे, तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे. लोग उम्मीद कर रहे थे कि वे तत्कालीन केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमलों की झड़ी लगा देंगे, लेकिन उन्होंने एक विजन रखा था.
2013 की हेडलाइंस LOC पर जवानों की हत्या, 10% महंगाई, घोटाले, और 'फ्रेजाइल 5' अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए पीएम बोले कि तब सिर्फ निराशा थी. लेकिन आज हालात बदल चुके हैं.
"आज आतंकी पस्त हैं. पाकिस्तान कोई दुस्साहस करता है तो सेना घर में घुसकर मारती है. माओवादी आतंक की कमर टूट चुकी है. युद्ध और चुनौतियों के बावजूद हमने हाल ही में 7.8% की रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है."
पीएम ने विरोधियों पर चुटकी लेते हुए कहा कि जो 2013 में निराशावादी थे, "गिलास उनके लिए आज भी खाली ही रहेगा."
नाराज फूफा और दिमागी नक्सलियों पर जोरदार हमला
देश के विकास में रोड़े अटकाने वाली मानसिकता पर प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि समाज में कुछ लोग 'नाराज फूफा' की तरह होते हैं. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, बुलेट ट्रेन, UPI, सेमीकंडक्टर चिप्स, नई संसद या नेशनल वॉर मेमोरियल हर बड़े काम पर इनका एक ही रटा-रटाया डायलॉग होता है कि 'इसकी क्या जरूरत थी?'
विपक्ष और देशविरोधी ताकतों पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा:
"बीते दशक में भारत ने करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं, जिससे युवाओं के लिए अपार अवसर बने हैं. देश की इस तरक्की से कुछ 'दिमागी नक्सलियों' में बौखलाहट है. मैंने 15 अगस्त को लाल किले से जो होम्योपैथी की गोली दी थी, उससे ये सारे बेनकाब होकर बाहर आ रहे हैं और जनता इनका असली रंग देख रही है."