सांप के काटने के बाद घंटों तड़पती रही महिला, 108 एम्बुलेंस को फोन किया नहीं आई, भाड़े की कार से ले जाना पड़ा अस्पताल
धनबाद में 108 एम्बुलेंस सेवा बदहाल हो गई है और सांप काटने के बाद एक महिला के तड़पने का मामला सामने आया है. घंटों फोन करने पर भी 108 एम्बुलेंस नहीं मिलने पर परिजनों को मजबूरन निजी कार से महिला को SNMMCH ले जाना पड़ा.
धनबाद में स्वास्थ्य और 108 एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह से बदहाल हो गई है. सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है और 108 एम्बुलेंस भी समय पर मरीजों तक नहीं पहुंच रही है, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही महिला
ताजा मामला सुदामडीह थाना क्षेत्र की एक बस्ती का है, जहां रहने वाले राजू रवानी की पत्नी खुशबू देवी को 6 नवंबर शुक्रवार देर शाम सांप ने काट लिया. घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चासनाला लाया गया.
धनबाद में 108 एम्बुलेंस सेवा बदहाल हो गई!
अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें धनबाद SNMMCH रेफर कर दिया गया. इस दौरान परिजनों ने मरीज को धनबाद ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस को लगातार घंटों तक फोन किया, लेकिन काफी इंतजार के बावजूद एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी.
108 एम्बुलेंस का इंतजार हुआ बेकार, प्राइवेट कार से पहुंचाना पड़ा SNMMCH
आखिरकार सरकारी एम्बुलेंस का इंतजार करते-करते परिजन मजबूर हो गए और भाड़े की निजी कार की व्यवस्था कर गंभीर रूप से पीड़ित महिला को धनबाद SNMMCH ले जाना पड़ा. इस पर स्थानीय निवासी शिवांश श्रीवास्तव ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में भी 108 एम्बुलेंस सेवा मरीजों को नहीं मिल रही है और धनबाद में स्वास्थ्य सेवा से लेकर एम्बुलेंस की व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है.
ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
वहीं, दूसरी तरफ सरकारी विभाग में सुधार को लेकर विधायक खुद धरने पर बैठ गए. दरअसल, धनबाद में ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों के स्थानांतरण के विरोध में निरसा विधायक अरूप चटर्जी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी है. विधायक पिछले चार दिनों से धनबाद समाहरणालय के समक्ष अनशन पर बैठे हैं और उनकी प्रमुख मांग जिला शिक्षा प्रारंभिक समिति की बैठक बुलाने की है.
अरूप चटर्जी का आरोप है कि पिछले एक वर्ष में करीब 1600 शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है. उन्होंने स्थानांतरण प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है. विधायक जिला शिक्षा प्रारंभिक समिति की बैठक बुलाकर पूरे मामले पर चर्चा करने और शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.
चौथे दिन आंदोलन स्थल पर एसडीएम लोकेश बारंगे और डीएसी शालिनी डुंगडुंग पहुंचे, जिन्होंने सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो और अनशन पर बैठे निरसा विधायक अरूप चटर्जी से बातचीत की. इस दौरान शिक्षकों के स्थानांतरण और ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई. फिलहाल, उनकी भूख हड़ताल जारी है.
रिपोर्ट: नितेश मिश्रा
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