हजारीबाग पहुंचे विधायक जयराम महतो: JSSC-CGL धांधली की CBI जांच मुख्य मुद्दा, छात्रों को भटकाने की हो रही कोशिश
जयराम महतो हजारीबाग पहुंचे और पुलिस-प्रशासन विवाद पर टिप्पणी करते हुए इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया. उन्होंने CGL परीक्षा घोटाले को छात्रों के लिए मुख्य चिंता का विषय बताया और युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने जायज संघर्ष से पीछे न हटें.
डुमरी विधायक जयराम महतो मंगलवार (1 सिंतबर, 2026) को एक दिवसीय दौरे पर हजारीबाग पहुंचे. उन्होंने गांधी मैदान में छात्र आंदोलन से जुड़े युवाओं और विद्यार्थियों से मुलाकात की. इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने पुलिस एसोसिएशन और बरकट्टा थाना प्रभारी से जुड़े हालिया विवाद और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले पर अपनी राय रखी. जयराम महतो ने कहा कि कार्यपालिका और विधायिका के बीच वैचारिक मतभेद या संवादहीनता कोई नई बात नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे विवादों को आवश्यकता से अधिक तूल देकर राज्य के वास्तविक और ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए. वहीं, उनका आरोप है कि यदि राजनीतिक कार्यकर्ता पुलिस की आड़ में छात्रों पर कार्रवाई करते हैं और बाद में छात्रों के खिलाफ ही मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, तो यह स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने युवाओं से ऐसे तत्वों की पहचान करने की अपील की, जो प्रशासनिक व्यवस्था का कथित तौर पर दुरुपयोग कर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास करते हैं. विधायक ने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं और घोटाले की जांच है. उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई जांच चल रही है और जांच में सामने आ रहे तथ्यों पर राज्य के युवाओं की नजर है.
महतो ने आरोप लगाया कि परीक्षा में कथित धांधली और अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के मामले में बड़े स्तर पर आर्थिक लेन-देन हुआ है तथा इसके तार प्रभावशाली लोगों तक जुड़े हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि जांच को उसके निष्कर्ष तक पहुंचने दिया जाना चाहिए और छात्रों के मुद्दों को दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए. अपनी वर्तमान चुप्पी को लेकर जयराम महतो ने कहा कि उनके पास शासन-प्रशासन से जुड़े कई दस्तावेज, आंकड़े और जानकारियां हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ अधिकारियों से संबंधित मामलों की जानकारी भी उनके पास है.
उन्होंने कहा कि यदि वे इस समय इन सभी मुद्दों को लेकर विस्तृत रूप से सामने आते हैं तो मीडिया और जनता का ध्यान छात्रों के मुख्य मुद्दों से हट सकता है. इसलिए फिलहाल उनका फोकस छात्र आंदोलन और उनकी मांगों पर है. उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से अपील की कि वे कानूनी प्रक्रिया के साथ अपनी जागरूकता और अभियान जारी रखें. उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंचने पर वे उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों को सामने रखेंगे. उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि वे उनके मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे.
रिपोर्ट: यादवेंद्र मुन्नू