SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

हजारीबाग ओपन जेल में दो पूर्व नक्सलियों ने थामा एक-दूसरे का हाथ, रचाई शादी

हजारीबाग ओपन जेल में बंद दो पूर्व नक्सली कमांडरों ने शादी रचाई है. इस दौरान अफसरों ने बाराती-घराती की भूमिका निभाई और परिजनों की कमी महसूस नहीं होने दी. दोनों आत्मसमर्पण के बाद हजारीबाग ओपन जेल में पुनर्वास की प्रक्रिया से गुजर रहे थे.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Oct 28, 2026, 12:43 PM IST | Updated: Oct 28, 2026, 12:56 PM IST
Image Credit: हजारीबाग ओपन जेल में बंद दो पूर्व नक्सली कमांडरों ने रचाई शादी (जी मीडिया)
Join

हिंसा और बंदूकों का खौफनाक रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे दो पूर्व नक्सलियों की जिंदगी में बुधवार (28 अक्टूबर, 2026) को एक नया और बेहद खूबसूरत मोड़ आया. हजारीबाग ओपन जेल में सजा काट रहे दो पूर्व नक्सली कमांडरों ने जब एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवन की नई शुरुआत की, तो इस मानवीय पहल के गवाह बने हजारीबाग पुलिस और जिला प्रशासन के अफसर.

पुनर्वास की प्रक्रिया से गुजर रहे थे

ओपन जेल में रह रहे तमाम बंदी बाराती बनकर झूमते और आशीर्वाद देते नजर आए. वैवाहिक बंधन में बंधने वाला यह जोड़ा है-रांची जिले के बुंडू (बारूहातू) निवासी सुरेश सिंह मुंडा और तमाड़ (अराहंगा) की रहने वाली सोमवारी हेम्ब्रम. कभी जंगलों में तबाही की राह पर चले सुरेश और सोमवारी ने सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता हमेशा के लिए छोड़ दिया था. आत्मसमर्पण के बाद दोनों हजारीबाग ओपन जेल में रहकर अपने पुनर्वास की प्रक्रिया से गुजर रहे थे.

विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ दोनों का विवाह

इसी दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की मानवीय पहल पर दोनों के विवाह का निर्णय लिया गया. हजारीबाग में आयोजित इस विवाह समारोह को धूमधाम और विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया. कानूनी प्रक्रिया को पूरा करते हुए हजारीबाग के जिला विवाह पदाधिकारी राजेश एक्का ने मौके पर ही विधिवत रूप से दोनों का मैरिज रजिस्ट्रेशन कराया, जिससे उनके रिश्ते को सामाजिक के साथ-साथ पूर्ण वैधानिक मान्यता भी मिल गई. शादी का सबसे भावुक और प्रेरणादायक दृश्य वह था जब सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों की कमी महसूस नहीं होने दी.

यह भी पढ़ें: रांची पुलिस का बड़ा एक्शन, राहुल सिंह गैंग के शूटर से मुठभेड़, कुख्यात शाहिद अंसारी के पैर में लगी गोली, 2 गिरफ्तार

अधिकारियों ने निभाई घराती और बारात की भूमिका

हजारीबाग पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इस शादी में खुद घराती और बारात की भूमिका निभाते दिखे. अधिकारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नवदंपती का स्वागत किया और उपहार देकर उनके सुखी और खुशहाल भविष्य की कामना की. नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों के पुनर्वास की चुनौती केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है. उनके लिए सामान्य सामाजिक जीवन की राह बनाना भी अहम है. रोजगार, पारिवारिक जीवन और समाज में स्वीकार्यता ऐसे लोगों के पुनर्वास के महत्वपूर्ण पहलू हैं.

-आईएएनएस

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES