पढ़ाई के लिए डेढ़ लाख मांग रही थी प्रेमिका, प्रेमी ने पत्नी संग मिलकर मार डाला और रेलवे ट्रैक पर फेक दिया शव
शादीशुदा व्यक्ति 7 सालों से एक लड़की का खर्च उठा रहा था. उस पर पैसा खर्च कर रहा था. घरवालों को इस बात से सतर्क हो जाना चाहिए था. लड़की की डिमांड जब उसके गले नहीं उतरी, तब उसने उसे मार डाला.
झारखंड के गिरिडीह में प्यार, धोखा और खौफनाक साजिश की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो दहशत पैदा करती है. एक शादीशुदा प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की इसलिए गला दबाकर हत्या कर दी, क्योंकि वह उससे अपनी पढ़ाई के लिए डेढ़ लाख रुपये मांग रही थी. इस खूनी खेल में उसकी पत्नी ने उसका साथ दिया. हत्या के बाद कहानी को सुसाइड और रेल हादसे का एंगल देने के लिए शव को बोरे में भरकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया, लेकिन पुलिस की एसआईटी जांच के सामने दंपती की पूरी साजिश फेल हो गई.
मामला 20 सितंबर, 2026 का बताया जा रहा है. चिचाकी रेलवे स्टेशन के पोल नंबर 335/31 के पास एक महिला का शव मिला था. पहले तो यह रेल हादसा लगा. गोमो रेल थाने में जीरो एफआईआर के रूप में मामला दर्ज हुआ और मामला बगोदर थाना भेजा गया. बगोदर थाना पुलिस ने शव की शिनाख्त शुरू की तो कहानी कुछ और ही निकलकर सामने आई. मामला हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या का निकला. गिरिडीह के एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ धनंजय राम बगोदर सरिया के नेतृत्व में एक एसआईटी बनाकर जांच शुरू की गई.
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मृतका की पहचान लक्ष्मी कुमारी, पिता नागेश्वर शर्मा, ग्राम कपीलो, थाना सरिया, जिला गिरिडीह के रूप में हुई. जांच आगे बढ़ी तो प्यार और पैसे का एक खौफनाक गठजोड़ सामने आया. आरोप है कि विनोद कुमार मंडल, पिता कमल मंडल, ग्राम बंधखारो, थाना सरिया का लक्ष्मी के साथ 6-7 सालों से प्रेम संबंध था. इन 7 सालों में विनोद ने लक्ष्मी की पढ़ाई-लिखाई, खाने-पीने से लेकर परीक्षा सेंटर तक ले जाने-लाने में हजारों रुपये खर्च किए थे. लक्ष्मी ने गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी और इग्नू में पीजी के लिए आवेदन किया था, जिसका पैसा विनोद ने ही भरा था. इस भरोसे के कारण लक्ष्मी के घरवाले भी विनोद पर आंख बंदकर भरोसा करते थे, लेकिन यही भरोसा लक्ष्मी की मौत की वजह बन गया.
पुलिस जांच के अनुसार, लक्ष्मी को आंध्र प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 4 सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये चाहिए थे. घर से पैसे नहीं मिलने पर लक्ष्मी ने विनोद पर एक साथ डेढ़ लाख रुपये देने का दबाव बनाना शुरू किया. लगातार पैसों के दबाव से विनोद परेशान हो गया. इतनी बड़ी रकम एक साथ देना उसके लिए मुश्किल था. उसके बाद उसने लक्ष्मी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना लिया.
एसडीपीओ धनंजय राम ने प्रेसवार्ता में बताया कि 19 सितंबर, 2026 को विनोद ने लक्ष्मी को मिलने के लिए बुलाया और अपनी पल्सर बाइक पर बैठाकर उसे टोटो में एक सुनसान कमरे में ले गया. वहां भरोसे में लेकर दोनों एक ही पलंग पर लेटे और तभी विनोद ने लक्ष्मी को जकड़ लिया और गले पर इतना दबाव डाला कि उसकी सांसें वहीं टूट गईं. इस पूरी वारदात में उसकी पत्नी सविता देवी ने भी साथ दिया.
हत्या के बाद दोनों ने मिलकर लाश को ठिकाने लगाने की साजिश रची. रात करीब 11 से 12 बजे के बीच लक्ष्मी के शव को एक सफेद प्लास्टिक के बोरे में भरा, मुंह को सफेद गमछा के फटे टुकड़े से बांधा और पल्सर बाइक पर बीच में रखकर चिचाकी स्टेशन ले गए. वहां शव को रेलवे ट्रैक पर इस तरह लिटा दिया ताकि लगे कि उसकी मौत रेल हादसे या सुसाइड से हुई है.
जांच के बाद पुलिस ने विनोद मंडल और सविता देवी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक नंबर JH02BE-9754, शव ले जाने वाला सफेद बोरा और एक वीवो कम्पनी का 5G मोबाइल बरामद किया है. फिलहाल दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
लापता युवक का शव बिरनी के जंगल से बरामद, जांच में जुटी पुलिस
गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र के खरखरी पंचायत के मरगोडा गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब घर से लापता युवक का शव जंगल से बरामद किया गया. उसकी पहचान मरगोडा निवासी द्वारिका पंडित के बेटे प्रदीप पंडित (36) के रूप में हुई है. बताया गया कि प्रदीप बीते बुधवार सुबह से घर से निकला था और वापस नहीं लौटा था.
गुरुवार सुबह घर से करीब एक किलोमीटर दूर ढबिया जंगल में उसका शव पड़ा मिला. शव मिलते ही गांव में भीड़ उमड़ पड़ी. मृतक के चचेरे भाई संदीप पंडित ने बताया कि बुधवार रात तक घर नहीं लौटने पर माता-पिता जंगल की ओर खोजने निकले तो उसे मृत अवस्था में पाया. बेटे का शव देखते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे.
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सूचना पर बिरनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया. थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने बताया कि परिजनों के अनुसार मृतक ने दो शादियां की थीं और दोनों पत्नियां उसे छोड़कर चली गई थीं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहता था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही प्रदीप की मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा.
बदमाशों ने लिलोरी मंदिर के पुरोहित को घर में घुसकर मौत के घाट उतारा
धनबाद जिले के कतरास थाना क्षेत्र के आमटाड़ में लिलोरी मंदिर के पुरोहित मुन्ना पांडेय का शव उसके घर में पाया गया. लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पहुंची. पुरोहित के शरीर पर धारदार हथियार से हमले का निशान पाया गया. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. मृतक पुरोहित घर मे अकेले रहता था. बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने बताया कि लिलोरी मंदिर में पुरोहित मुन्ना पांडेय का शव उसके घर मे होने की सूचना मिली थी. प्रथम दृष्टया हत्या का मामला प्रतीत होता है. पुरोहित की उम्र लगभग 50 वर्ष थी.
गिरिडीह से मृणाल सिन्हा की रिपोर्ट