)
धनबाद के अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार को फोन और व्हाट्सऐप के जरिए एक करोड़ रुपये रंगदारी और गोली मारने की धमकी देने के मामले में धनबाद पुलिस ने आरोपी को राजगंज से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर आरोप है कि उसने 14 सितंबर को सीओ को धमकी देने के साथ एक बैंक खाते में रकम जमा कराने की बात कही थी.
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ ने धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को राजगंज से गिरफ्तार किया और पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी में है. वहीं, गिरफ्तारी के बाद आरोपी पंकज कुमार दास ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपनी अलग कहानी बताई. आरोपी के मुताबिक, वह जाति प्रमाण पत्र बनवाने के सिलसिले में सीओ के पास गया था, लेकिन उसका काम नहीं हुआ.
आरोपी ने पुलिस को बताया कि जमीन के एवज में उसे अपने मामा से करीब 90 लाख रुपये मिलने थे और मामा से बदला लेने के इरादे से उसने सीओ को धमकी दी. साथ ही मामा का बैंक खाता नंबर दे दिया. फिलहाल, धनबाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की तैयारी में है और पूरे मामले की जांच जारी है. पुलिस आरोपी के मोबाइल, व्हाट्सऐप चैट और बैंक खाते से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है.
कब मिली थी सीओ को धमकी?
बता दें कि सीओ ने धमकी और रंगदारी का केस 24 सितंबर, 2026 को दर्ज कराया था. केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी. दरअसल, धनबाद सदर अंचलाधिकारी रामप्रवेश कुमार से व्हाट्सएप मैसेज के जरिए से एक करोड़ रुपये की रंगदारी राशि की मांग किए जाने का मामला सामने आया था. रकम नहीं देने पर उन्हें गोली मारने की धमकी भी दी गई थी. सीओ ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया था कि 14 सितंबर 2026 की शाम करीब 7 बजकर 11 मिनट उनके मोबाइल नंबर पर 8935820697 से व्हाट्सएप मैसेज भेजकर एक करोड़ रुपये की मांग की गई.
सीओ ने आवेदन में बताया कि मैसेज में रकम एसबीआई राजगंज शाखा के खाता संख्या 30723845682 में जमा करने को कहा गया था. पैसे नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी गई. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई, वह बिहार का है और मनीष गोला के नाम पर जारी है. फिलहाल, पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
रिपोर्ट: नितेश मिश्रा