)
झारखंड के रांची जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. सिल्ली अंचल कार्यालय में तैनात अमीन विनोद लोहरा को एसीबी की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. यह पूरी कार्रवाई जमीन की पैमाइश यानी नापी और कागजात दुरुस्त करने के एवज में मांगी गई घूस के मामले में की गई है.
5 लाख से शुरू हुई थी बात, 2 लाख और जमीन पर बनी सहमति
पूरा मामला सिल्ली के बड़ा मुरी निवासी विद्या कोइरी की जमीन से जुड़ा हुआ है. विद्या कोइरी अपनी दो एकड़ से अधिक जमीन की नापी कराने और कागजात अपने नाम पर दुरुस्त करवाने के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहे थे. आरोप है कि अमीन विनोद लोहरा ने इस काम के बदले शुरुआत में 5 लाख रुपये की मोटी रकम मांगी थी.
बाद में काफी मोल-भाव के बाद मामला 2 लाख रुपये नकद और 4 डिसमिल जमीन अमीन के नाम करने पर तय हुआ. रिश्वत देने के बजाय विद्या कोइरी ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत एसीबी (ACB) के रांची स्थित कार्यालय में कर दी.
ऑडियो रिकॉर्डिंग से खुली पोल
शिकायत मिलने पर एसीबी के अधिकारियों ने 28 सितंबर, 2026 को मामले का गोपनीय सत्यापन कराया. जांच के दौरान शिकायत पूरी तरह सही पाई गई. मिली जानकारी के मुताबिक, एसीबी को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी हाथ लगी है, जिसमें अमीन घूस की रकम मांगता सुनाई दे रहा है. बातचीत में उसने यह दावा भी किया था कि मांगी जा रही रकम में सिर्फ उसका अकेले का हिस्सा नहीं है, बल्कि सीओ, कर्मचारी और अन्य लोगों का भी कट शामिल है.
कार में बुलावा और ACB का जाल
वहीं, सत्यापन सही पाए जाने पर एसीबी ने अमीन को रंगे हाथ दबोचने के लिए जाल बिछाया. 1 अक्टूबर, 2026 दिन गुरुवार की दोपहर तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता अपने एक साथी के साथ एसीबी की टीम के साथ सिल्ली पहुंचे. दोपहर करीब एक बजे प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित मंदिर के पास खड़ी एक कार में अमीन विनोद लोहरा को रिश्वत की पहली किस्त 50 हजार रुपये देने के लिए बुलाया गया. जैसे ही विनोद लोहरा ने कार के अंदर 50 हजार रुपये नकद स्वीकार किए आसपास सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद एसीबी के अधिकारियों ने उसे धर दबोचा.
रिपोर्ट: कामरान जलीली