छेड़छाड़ का वीडियो निकला AI एजेंडा: अब चलेगा पुलिस का डंडा, अराजकता फैलाने का प्लान फेल; 24000 फॉलोअर्स वाला यूट्यूबर नदीम जाएगा जेल
24 साल के एक यू-ट्यूबर को फर्जी एआई वीडियो फैलाकर अराजकता फैलाने की साजिश के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है. इस शख्स का नाम नदीम अहमद है. उसके 24000 से अधिक फॉलोअर्स हैं.
फर्जी एआई वीडियो फैलाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को 24 साल के एक-यूट्यूबर को गिरफ्तार किया है. इस शख्स ने AI से बना एक पोस्टर बनाया और उसे वायरल कर दिया. इसमें पुलिस अफसर विवेक भगत को एक स्वतंत्र महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ करते हुए दिखाया गया था.
यह गिरफ्तारी इंडिपेंडेंट जर्नलिस्ट रोजी के आरोपों के बाद हुई है. रोजी ने आरोप लगाया था कि 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हिरासत में लिए जाने की घटना की कवरेज के दौरान पुलिस अधिकारी ने उनका यौन उत्पीड़न किया. पुलिस अधिकारी पर आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर भगत की कथित तौर पर एक स्वतंत्र महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी और छेड़छाड़ की तस्वीरें वायरल हो गईं, जिसके बाद उनकी सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई.
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बताया कि जब उनकी सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट ने उस अकाउंट का पता लगाया, जिससे तस्वीरें फैलाई जा रही थीं, तो जांचकर्ताओं को मालूम चला कि वह 'न्यूज आईना' नाम के यूट्यूब चैनल से जुड़ा था.
इसके बाद जांच में पुलिस हरियाणा के रहने वाले 24 साल के नदीम अहमद तक पहुंची, जो वह चैनल चला रहा था. पुलिस ने बताया कि अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके 24000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. जांचकर्ताओं को उसके पास से AI से जुड़े कई टूल बरामद हुए और दावा किया कि उसने दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने के लिए AI से बना कंटेंट बनाने की बात कबूल की है.
पुलिस के मुताबिक, शांति भंग करने और अराजकता फैलाने की कथित साजिश के तहत यह पोस्टर बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया. पुलिस ने कहा, 'उसका मकसद अराजकता फैलाना था. FIR में दंगे से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं.'
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस कथित साजिश में और लोग भी शामिल थे.अधिकारियों ने कहा कि इसमें भूमिका निभाने वाले अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें की जा रही हैं. जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या अहमद को कोई और चला रहा था और क्या यह घटना पहले से तय थी. दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी को कोई फंडिंग मिली थी और क्या इसमें कोई विदेशी कनेक्शन शामिल था.
पुलिस ने आगे कहा कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या अहमद का CJP से कोई संबंध था. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अहमद ने खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताया. जांचकर्ताओं ने बताया कि उसने साकेत के एक मदरसे में पढ़ाई की थी और 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. पुलिस ने कहा कि पूरी साजिश का पता लगाने, इसमें शामिल अन्य संदिग्ध लोगों की पहचान करने और उन हालात का पता लगाने के लिए जांच जारी है, जिनमें AI से बना मटेरियल तैयार और सर्कुलेट किया गया था.