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तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक कुणाल घोष की कार पर हुगली में पत्थर और अंडे फेंकने की घटना सामने आई है. बताया जा रहा है कि कुणाल घोष ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए सेरामपुर जा रहे थे. इसी दौरान बीच में कथित तौर पर उनकी गाड़ी पर हमला हो गया. हमला उत्तरपारा इलाके में हुआ, जहां कथित तौर पर काले झंडे लिए लोगों के एक ग्रुप ने कुणाल घोष की गाड़ी को घेर लिया और 'गो बैक' के नारे लगाए. घोष का आरोप है कि उनकी गाड़ी का पिछला शीशा भी टूट गया है.
घटना के एक वीडियो में, गुस्साई भीड़ को MLA की कार रोकते और उस पर अंडे फेंकते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में कुणाल घोष कार के अंदर बैठे दिख रहे हैं, जबकि भीड़ कार पर हाथ मार रही है, अंडे और पत्थर फेंक रही है और 'कुणाल घोष वापस जाओ' के नारे लगा रही है. वीडियो में MLA की कार का पिछला शीशा भी टूटा हुआ दिखाई दे रहा है.

घटना को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने कहा,'यह जंगल राज है. उन्होंने मेरी कार पर पत्थर और अंडे फेंके और रास्ता रोक दिया. वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था. मैं अब कोलकाता लौट रहा हूं और शिकायत दर्ज कराने के लिए सीधे लाल बाजार या भवानी भवन जाऊंगा.'
#WATCH | West Bengal: TMC MLA Kunal Ghosh says that eggs were hurled at his car while he was going to Serampore, Hooghly, for a rally of former CM Mamata Banerjee.
(Video Source: Kunal Ghosh) pic.twitter.com/BRUMWmwofv— ANI (@ANI) September 26, 2026
इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया और कहा कि सत्ताधारी पार्टी लोगों को उनकी रैली में आने से रोकने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया,'पुलिस हमारे लोगों को भी रोक रही है. ऐसी चीजें तो अफ्रीकी देशों में भी नहीं होतीं.'
TMC नेताओं ने घटना को लेकर भाजपा को जिम्मेदार बताया है. पार्टी नेता असित मजूमदार ने आरोप लगाया कि यह भाजपा के जरिए पहले से नियोजित हमला था, न कि आम लोगों का विरोध प्रदर्शन. हालांकि, उत्तरपाड़ा से BJP विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने इस घटना को जनता का गुस्सा बताया है.
मई 2026 में पश्चिम बंगाल चुनाव में पार्टी की हार के बाद से TMC नेताओं पर अंडे फेंकने की कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें यह सबसे ताजा मामला है. जहां तृणमूल ने अपने नेताओं पर अंडे फेंकने के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं सत्ताधारी पार्टी ने इसे भ्रष्ट तृणमूल नेताओं के प्रति जनता का गुस्सा बताया है. इससे पहले इस महीने, नादिया जिले के तेहट्टा में एक राजनीतिक बैठक से निकलते समय सांसद महुआ मोइत्रा को भी कथित बीजेपी कार्यकर्ताओं के अंडे फेंकने वाले विरोध का सामना करना पड़ा था. कलकत्ता हाई कोर्ट ने पहले भी ऐसी कई घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से अंडे फेंकने की घटनाओं के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगी थी.