कत्लगाह बनते घर: सूरत से लेकर छत्तीसगढ़, मेरठ और आगरा तक, अपराध की खौफनाक दास्तां, जहां अपनों ने ही अपनों की ली जान
Muskan-Saurabh Murder Case: प्रेम और सुरक्षा के प्रतीक घर ही जब कत्लगाह बन जाए तो फिर सिक्योरिटी की उम्मीद कहां करें. पिछले कुछ महीनों में सूरत से लेकर छत्तीसगढ़, मेरठ और आगरा तक अपराध की ऐसी-ऐसी खौफनाक दास्तानें सामने आई हैं, जहां अपनों ने ही अपनों की जान ली है.
People Killed by Their Own Loved Ones: कहते हैं कि जिस घर में आपसी स्नेह और लगाव होता है, वह घर स्वर्ग बन जाता है. लेकिन आजकल स्वार्थपूर्ति की होड़ में ये रिश्ते कहीं दरकते नजर आ रहे हैं. इसके चलते कई घर ‘सुरक्षित पनाहगाह’ से बदलकर कत्लगाह बनते दिख रहे हैं. गुजरात के सूरत से ऐसा ही दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया.
सूरत के कोसंबा इलाके में एक पति-पत्नी ने मिलकर अपने ही परिवार की तीन महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शवों को घर के आंगन और सीमेंट के ड्रमों में भरकर हमेशा के लिए खुर्द-बुर्द कर दिया. यह राज कभी नहीं खुलता, लेकिन एक रहस्य उजागर हो ही गया.
पहली साली को तकिए से दबाकर मारा
सूरत पुलिस के मुताबिक, आरोपी माधवदास साधु और उसकी पत्नी उर्मिला ने वर्ष 2022 में इस सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया था. दोनों ने मिलकर सबसे पहले 25 फरवरी 2022 को टीबी से पीड़ित उर्मिला की बहन भगवतीबेन को तकिए से मुंह दबाकर मार डाला.
इसके बाद दोनों ने मिलकर पैरालिसिस से पीड़ित माधवदास की मां मंजुलाबेन को इसी तरह 19 जुलाई 2022 को तकिये से मुंह दबाकर मार डाला. वे इतने पर ही नहीं रुके. दोनों ने 7 अक्टूबर 2022 को उर्मिला की नानी शांताबेन को भी मार डाला.
ऐसे सामने आया मर्डर का राज
इसके बाद दोनों ने सबूतों को छिपाने के लिए साजिश रची. प्लास्टिक के ड्रम में तीन बोरी सीमेंट और पानी घोलकर उसमें शांताबेन का शव भर दिया. ऐसा करके वह शव बिना बदबू किए ठोस पत्थर के रूप में बदल गया. करीब 3 महीने बाद घर के आंगन में गड्ढा खोदकर शव को दबा दिया. जबकि बाकी दो शव पहले ही वहां दबाए गए थे.
इस राज से पर्दा तब उठा, जब आपसी विवाद के बाद माधवदास ने अपनी पत्नी को फंसाने के लिए पुलिस में झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई. पुलिस ने जब जांच शुरू की तो तिहरे हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं. इसके बाद जो कहानी सामने आई, उसने सबसे होश उड़ा दिए. लेकिन रिश्तों के कत्ल की यह कोई अकेली घटना नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई वीभत्स मामले सामने आए हैं, जिन्होंने लोगों को दहलाकर रख दिया.
छत्तीसगढ़ का साइको किलर
छत्तीसगढ़ का चर्चित उदयन दास का मामला भी ऐसा ही था, जिसने पूरे देश में सिहरन पैदा कर दी थी. उसने अपनी प्रेमिका आकांक्षा का बर्बरता से मर्डर किया. इसके बाद शव को अपने ही घर में संगमरमर के चबूतरे के नीचे दफना दिया था. उदयन दास का वहशियानापन यहीं तक नहीं रुका. उसने अपने माता-पिता को भी मार दिया. इसके बाद उनके शवों को रायपुर के एक घर के बगीचे में दबा दिया. इसके बाद वहां पौधे लगा दिए, जिससे किसी को शक न हो.
मेरठ का सौरभ-मुस्कान हत्याकांड
यूपी में मेरठ में हुए सौरभ-मुस्कान हत्याकांड को लोग भूले नहीं होंगे. वहां पर मुस्कान ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति सौरभ का मर्डर शव को सीमेंट से भरे ड्रम में दबा दिया.
आगरा में पत्नी का खौफनाक कदम
ऐसा ही मामला आगरा में भी सामने आया. वहां पर पत्नी ने अपने पति का मर्डर कर उसके शव को मकान के बाथरूम में सीमेंट और कंक्रीट के नीचे दबा दिया. इस राज को छुपाने के लिए वह लंबे समय तक नाटक करती रही. हालांकि, वह बच नहीं पाई और पकड़ी गई.
महाराष्ट्र में कब्र का सनसनीखेज राज
महाराष्ट्र में भी एक महिला की ओर से अपने पति का मर्डर कर उसकी पहले ही पक्की कब्र तैयार करवा देने का मामला भी सुर्खियों में रहा था. हालांकि, एक स्थानीय कारीगर की सतर्कता ने इस राज को दुनिया के सामने ला दिया था.
कंक्रीट और सीमेंट के नीचे दबाई गई सांसें भले ही खामोश हो गई हों. लेकिन कानून के लंबे हाथ और फॉरेंसिक साइंस की आधुनिक तकनीकें उन अपरादों से पर्दा हटा ही देती हैं. कुल मिलाकर ये सब घटनाएं समाज के उस अंधकारमय पहलू को उजागर कर रही हैं, जहां लालच, आपसी कलह और नफरत अब मानवीय संवेदनाओं को निगलती जा रही है. यह इस बात की भी चेतावनी है कि जब घर के भीतर ही अपने जान के दुश्मन बन जाएं, तो लोग किस पर भरोसा कर पाएंगे.