'₹10,000 की कीमत समझाऊंगा': सूरत के अकाउंटेंट ने ₹150 के पेट्रोल से फूंका ₹24 करोड़ का मार्केट
सूरत में एक अकाउंटेंट ने महज ₹150 के पेट्रोल का इस्तेमाल कर ₹24 करोड़ के मार्केट को भारी नुकसान पहुंचा दिया. जानिए क्या थी इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की हैरान कर देने वाली वजह और पूरा मामला.
सूरत के सरोली इलाके में श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 8 सितंबर 2026 की आधी रात के बाद लगी आग का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है. अब जांच में सामने आया कि आग मार्केट में काम करने वाले एक पूर्व कर्मचारी ने लगाई थी. इस शख्स का नाम विनोद साल्वे बताया जा रहा है. पुलिस ने विनोद साल्वे को 21 सितंबर 2026 को सूरत के डिंडोली इलाके से गिरफ्तार किया. CCTV फुटेज में एक व्यक्ति काले रंग की शर्ट, हल्के रंग की पैंट और कंधे पर बैग लटकाए मार्केट के एक सुनसान गलियारे में जाता दिखाई देता है.
इस सूनसान गलियारे के दोनों तरफ कपड़ों के बड़े पैकेट रखे थे. कुछ आगे जाने के बाद उसने बैग से कुछ निकाला और गलियारे के आखिरी हिस्से तक पहुंचा. फुटेज में वह पैकेटों पर कोई तरल पदार्थ छिड़कता हुआ दिखाई देता है. इसके बाद उसने माचिस जैसी किसी चीज से आग लगाई. पैकेटों में आग भड़कते ही वह पलटकर उसी रास्ते से भाग गया. उसका चेहरा कपड़े से ढका था और उसने गहरे रंग का चश्मा पहन रखा था.
24 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
पुलिस के मुताबिक, सूनसान गली में लगे CCTV फुटेज में दिखाई देने वाला व्यक्ति विनोद साल्वे है. इस आग से टेक्सटाइल कारोबारियों को करीब 24 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. आग में उन कपड़ों के पैकेटों को भी नुकसान पहुंचा, जिन्हें नवरात्रि और दिवाली से पहले ग्राहकों को भेजने के लिए तैयार रखा गया था.
कौन है विनोद साल्वे?
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के धुले का रहने वाला विनोद साल्वे अप्रैल 2026 में श्याम संगिनी मार्केट की छठी मंजिल पर स्थित एक टेक्सटाइल फर्म में अकाउंटेंट के तौर पर काम करने लगा था. उसे हर महीने 30,000 रुपये वेतन मिलता था. पुलिस के मुताबिक, साल्वे ने पूछताछ में बताया कि वह फर्म के वरिष्ठ अकाउंटेंट और मालिक के व्यवहार से परेशान था. उसका आरोप था कि उसे लगातार डांटा जाता था और उसके काम में कमियां निकाली जाती थीं.
10 हजार रुपये की सैलरी को लेकर विवाद
साल्वे ने करीब एक महीने पहले नौकरी छोड़ दी थी. इसके बाद उसने अपनी 10 हजार रुपये की बकाया सैलरी मांगी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसका कहना है कि उसे भुगतान के लिए बार-बार टाल दिया गया. साल्वे कथित तौर पर बकाया रकम मांगने के लिए फोन करता था और कभी-कभी दफ्तर भी जाता था. पुलिस के अनुसार, रकम नहीं मिलने के बाद उसने अपनी पुरानी कंपनी से बदला लेने का फैसला किया.
150 रुपये का पेट्रोल खरीदा
सूरत के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस करणराज वाघेला के मुताबिक, आगजनी से एक दिन पहले साल्वे ने डिंडोली के एक पेट्रोल पंप से 150 रुपये का पेट्रोल खरीदा था. पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर 2026 की रात दुकानें बंद होने के बाद साल्वे श्याम संगिनी मार्केट की छठी मंजिल पर पहुंचा. वहां गलियारे में रखे साड़ियों और ड्रेस मटेरियल के पैकेटों पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी.
राजस्थान और अयोध्या होकर सूरत लौटा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आग लगाने के बाद साल्वे बाइक से वहां से निकल गया. इसके बाद वह राजस्थान और फिर अयोध्या गया. 20 सितंबर 2026 की रात वह सूरत वापस लौटा. पुलिस को उसके सूरत लौटने की जानकारी मिली. इसके बाद सूरत क्राइम ब्रांच ने 21 सितंबर 2026 को डिंडोली इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया.
चार मिनट में पूरी वारदात को अंजाम
CCTV फुटेज के टाइम स्टांप के अनुसार, साल्वे करीब चार मिनट तक मार्केट के अंदर रहा. शुरुआत में पुलिस ने आगजनी के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की थी. CCTV फुटेज और जांच के आधार पर संदिग्ध की पहचान विनोद साल्वे के रूप में की गई.
14 घंटे तक बुझाई गई आग
आग की सूचना 8 सितंबर 2026 की रात करीब 12.50 बजे दमकल विभाग को मिली. दमकल की कई टीमों ने मौके पर पहुंचकर करीब 14 घंटे तक आग बुझाने का काम किया. आग से छठी मंजिल की सभी दुकानें बुरी तरह प्रभावित हुईं. पांचवीं मंजिल की कुछ दुकानें भी आग की चपेट में आईं. पुलिस अब मामले में आगे की जांच कर रही है.