'12 वर्षों में खराब किया देश का माहौल': मोदी सरकार पर सोनिया गांधी का अटैक, BJP का पलटवार
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर देश के सामाजिक ताने-बाने के नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि देश को वापस पटरी पर लाने में काफी समय लगेगा. सोनिया के आरोपों पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है.
कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर देश के सामाजिक ताने-बाने के नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को पिछले 12 वर्षों में भारी नुकसान पहुंचाया गया है. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि देश को वापस पटरी पर लाने में काफी समय लगेगा. कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब यह सरकार जाएगी, तो नई सरकार को काफी मेहनत करनी पड़ेगी. कांग्रेस सांसद ने यह बातें अपनी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) के विमोचन से पहले एक अंग्रेजी न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में कहीं. उन्होंने कहा कि अब लोग बेचैन होने लगे हैं और उन्हें इस नुकसान का एहसास हो रहा है. सोनिया गांधी ने आगे कहा कि मैं आशावादी हूं और मुझे पता है कि भारत के लोग एक बेहतर शासन-व्यवस्था की वापसी का स्वागत करेंगे.
'वोट चोरी' के आरोप लगाए
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब से यह सरकार सत्ता में आई है, इसने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं, खासकर चुनाव आयोग को अपने नियंत्रण में लेने का काम किया. चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का गंभीर आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी या अन्य किसी भी विपक्षी दल को समान अवसर नहीं मिला. सोनिया गांधी ने कहा कि उनके पास पैसा और पॉवर दोनों है. वे धर्म को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं, फिर भी हमारी पार्टी डटकर मुकाबला कर रही है और आगे बढ़ रही है. कांग्रेस की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वही इकलौती ऐसी पार्टी है, जो बीजेपी के हमलों को झेलने की ताकत रखती है. हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बहुत साहस दिखाया है. उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं-कार्यकर्ताओं को काफी प्रताड़ित किया गया, इसके बावजूद वे गांव-गांव में संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं.
मनमोहन-खरगे की तारीफ की
उन्होंने कहा कि अब लोग जागरुक हो गए हैं. कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही है और हमारी स्थिति दिन-ब-दिन बेहतर होती जा रही है. बीजेपी, RSS या नरेंद्र मोदी से कुछ सीखने से जुड़े सवाल पर सोनिया गांधी ने साफ कहा कि हमें उनसे कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है. हमारे पास खुद बहुत बड़े और मेहनती लोग हैं. उन्होंने मनमोहन सिंह और मल्लिकार्जुन खरगे का उदाहरण देते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमें RSS से कुछ भी सीखने की जरूरत है. इस इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने इमरजेंसी, इंदिरा गांधी, संजय गांधी और अपने पति राजीव गांधी से जुड़े सवालों का खुलकर जवाब दिया. उन्होंने आपातकाल के लिए अकेले संजय गांधी को दोषी ठहराए जाने से भी साफ इनकार किया. सोनिया ने कहा कि इस फैसले में बहुत से लोग शामिल थे.
सोनिया पर बीजेपी का पलटवार
सोनिया गांधी के आरोपों पर बीजेपी नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने एक उंगली भाजपा की तरफ उठाई है और 4 उंगली खुद की तरफ उठी हैं. सोनिया गांधी के तथाकथित नेतृत्व में मनमोहन सिंह की सरकार भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई थी. उस समय देश दुनिया का सबसे कमजोर देश बना था. बीजेपी के फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पूछा कि उनकी किताब में उनके विदेशी मूल का जिक्र क्यों नहीं होना चाहिए? क्या उन्हें माता सीता की बेटी कहा जाना चाहिए? उनकी जड़ें इटली में हैं और इसे स्वीकार करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए. गिरिराज ने कहा कि वह विदेशी मूल की हैं, लेकिन उन्होंने एक भारतीय परिवार में शादी की और भारत ने उन्हें अपनी बहू के रूप में अपनाया, लेकिन उन्होंने 12 साल तक भारतीय नागरिकता क्यों नहीं ली? उन्हें इसका जवाब देना चाहिए. यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए पोप से आशीर्वाद मांगा और उनका धर्म परिवर्तन कराया.
वहीं, सांसद तरुण चुघ ने कहा कि सोनिया जी, भारतीय संस्कृति का अपमान न करें. भारत की विरासत और विकास जिस तरह एक साथ आगे बढ़ रहे हैं और लोगों की धार्मिक आस्था में जो वृद्धि देखने को मिल रही है, वह श्री राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण, वाराणसी में काशी कॉरिडोर और स्वर्ण मंदिर के आसपास बने कॉरिडोर में साफ दिखाई देती है. चुघ ने कहा कि यह सब उनसे पच नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण उन्हें नहीं पच रहा है, क्योंकि वह लगातार उसको रोकने में लगी थीं. उन्होंने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गई थीं. मंदिर पर फैसला न हो, इसके लिए कांग्रेस नेता कोर्ट में जाकर हलफनामा देते थे. बीजेपी सांसद ने कहा कि अगर कुछ लिखना ही है, तो बाटला हाउस कांड के बारे में लिखा जाना चाहिए. उन्हें बताना चाहिए कि जब आतंकवादी मरा था, तब वह बुरी तरह क्यों रोती रही थीं.
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