लड्डू का रंग कहीं सेहत पर न पड़ जाए भारी: FDA की रेड में 1,190 किलो मिठाई जब्त, देशभर में एक्शन जारी
मिठाइयों और स्ट्रीट फूड में खतरनाक रंगों के इस्तेमाल को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है. कई राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभाग ने समोसे और मोमोज के साथ परोसी जाने वाली चटनियों में कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है. इसके साथ ही रोडामाइन-बी और मेटानिल येलो जैसे गैर-खाद्य रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
त्योहारी सीजन में आपको मिलावट के जहर से बचाने के लिए देशभर में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की रेड चल रही है. ताजा मामले में एजेंसी ने 1190 किलो बूंदी और लड्डू जब्त किया है. जब्त हुई इस मिठाई की कीमत 1,73,950 रुपये बताई जा रही है. मिठाई में केमिकल वाले रंगों की मिलावट की आशंका का ये मामला सामने आया महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले में जहां के टिलेकर नगर स्थित एक यूनिट से लगभग 1,200 किलोग्राम लड्डू और कच्चा माल जब्त किया गया है. आशंका है कि इनमें बहुत ज़्यादा फूड कलरिंग (खाद्य रंग) का इस्तेमाल किया गया था. इस रेड की जानकारी देते हुए एफडीए के सीनियर अधिकारी बालाजी शिंदे ने बताया, 'महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे और संयुक्त आयुक्त (सतर्कता) प्रीति टिपरे के मार्गदर्शन में, कल पुणे में 'द पूना मर्चेंट्स चैंबर' द्वारा दिवाली के स्नैक्स (जैसे लड्डू और चिवड़ा) की सालाना बिक्री और वितरण के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था.'
इसी कार्यक्रम के दौरान, हमारे कमिश्नर ने यह चेतावनी दी कि दिवाली पर खाए जाने वाले लड्डुओं में इस्तेमाल होने वाली फूड कलरिंग पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि ये तय हो सके कि इसका स्तर तय मानकों के भीतर ही रहे.
'गायत्री लड्डू भंडार' की निर्माण यूनिट पर रेड
सरकारी चेतावनी और गाइडलाइंस का कितना पालन हो रहा है इसकी पड़ताल के दौरान एक गुप्त सूचना मिलने पर, एजेंसी ने कोंढवा स्थित 'गायत्री लड्डू भंडार' की निर्माण यूनिट पर छापा मारा. वहां पर खाद्य उत्पादों में हद से ज्यादा फूड कलरिंग मिली. इसके साथ ही वहां साफ-सफाई के मानकों की भी भारी कमी पाई गई.
आगे क्या हुआ?
रेड में शामिल जांच अधिकारी ने बताया इसके बाद विभाग ने कई सैंपल लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की. हमनें बूंदी और लड्डू, दोनों के सैंपल लिए गए हैं. हमने कुल 1,190 किलोग्राम सामान जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब पौने दो लाख रुपये है.
पूरे महाराष्ट्र, में ऐसी कार्रवाई चल रही है. इसी तरह उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में दीपावली के दौरान जहरीली और केमिकल वाली नकली मिठाई से आपको बचाने के लिए एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं. सैंपल जुटा रही हैं. नकली जहरीला मावा और अन्य मिठाइयां फौरन नष्ट कराया जा रहा है.