SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

दिल्ली में धरने की जगह बदली: US-ब्रिटेन-जर्मनी-फ्रांस में संसद से कितनी दूर होते हैं प्रदर्शन?

दिल्ली में प्रदर्शन करने की आधिकारिक जगह में बदलाव हो गया है. अब जंतर-मंतर से हटकर तीन अन्य जगहों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 14, 2026, 09:48 PM IST | Updated: Oct 14, 2026, 10:02 PM IST
Image Credit: AI की मदद से बनाई गई तस्वीर
Join

सरकार ने राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन करने की जगहों में बदलाव कर दिया है. दिल्ली में कई दशकों से विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र जंतर-मंतर रहा था लेकिन अब यह जगह प्रदर्शन करने की आधिकारिक जगह नहीं रह गई है. दिल्ली पुलिस ने को इस लिस्ट से हटाकर, तीन अन्य जगहों को प्रदर्शन की जगह करार दिया है. इनमें दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड.

जंतर-मंतर भारत की संसद से महज 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है. जबकि नई तीनों जगहें संसद से दूर हैं. बुराड़ी ग्राउंड संसद से लगभग 21 किलोमीटर दूर है. CBD ग्राउंड भी मध्य दिल्ली से काफी दूर स्थित है. जंतर-मंतर के बाद रामलीला मैदान एक ऐसी जगह है जो बाकियों के मुकाबले नजदीक है, लेकिन यहां एक दूसरी समस्या यह है कि यह मैदान दूसरे कार्यक्रमों के चलते हमेशा बिजी रहता है. एक जानकारी के मुताबिक, इस साल 2026 में यह मैदान सिर्फ तीन दिनों के लिए खाली है.

दूसरे देशों में क्या है स्थिति?

चलिए जानते हैं कि दुनिया बाकी देशों में प्रदर्शन की जगह और संसद के बीच की दूरी कितनी है. हम यहां कुछ और लोकतांत्रिक देशों के धरनास्थल के बारे में जानते हैं. इन देशों में अमेरिका, लंदन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. अगर हम अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया की बात करें, तो यहां संसद के बिल्कुल नजदीक ही प्रदर्शन करने की इजाजत है. इसके लिए व्यवस्था भी बनी हुई है. जबकि फ्रांस और दक्षिण अफ्रीका में कुछ दूरी का अंतर है.

देशप्रदर्शन स्थलसंसद से दूरी
अमेरिकालाफायेट पार्क (व्हाइट हाउस के पास)200–300 मीटर
ब्रिटेनपार्लियामेंट स्क्वायरलगभग 0 किमी
जर्मनीप्लात्स डेर रिपब्लिकलगभग 0 किमी
फ्रांसप्लास दे ला रिपब्लिक3–4 किमी
ऑस्ट्रेलियाफेडरेशन मॉललगभग 0 किमी
दक्षिण अफ्रीकाग्रैंड परेड0.5–1 किमी
भारत - नई दिल्ली
भारतरामलीला मैदानलगभग 3 किमी
भारतCBD ग्राउंड, पूर्वी दिल्लीलगभग 12 किमी
भारतबुराड़ी ग्राउंडलगभग 21 किमी

दूरियां अनुमानित हैं. अमेरिका में लाफायेट पार्क की दूरी व्हाइट हाउस से है, संसद (कैपिटल) से नहीं. आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की स्थिति और अनुमति के नियम देश के अनुसार अलग हैं.

यहां यह भी बता दें कि जंतर-मंतर पर पिछले 33 वर्षों से प्रदर्शन करने की आधिकारिक जगह है. इंडिया गेट के पास बोट क्लब में बड़े प्रदर्शनों पर प्रतिबंधों के बाद 1993 में जंतर-मंतर प्रमुख प्रदर्शन स्थल के रूप में उभरा. जंतर-मंतर के पास सड़क का एक छोटा-सा हिस्सा किसानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है. यह जगह राजधानी में अपनी मांगें उठाने और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए पहचानी जाती रही है.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES