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दिल्ली से 4 देशों के लिए शांति का पैगाम, ईरान- UAE ने मिलाया हाथ तो रूस ने भी जेलेंस्की की बातचीत की दावत दी

नई दिल्ली में BRICS के दौरान ईरान-UAE नेताओं की मुलाकात ने तनाव के बीच संवाद का संदेश दिया. इसी बीच रूस ने जेलेंस्की को बातचीत का न्योता दिया. जयशंकर भी रूस-यूक्रेन शांति प्रयासों में भारत की मदद की पेशकश कर चुके हैं.

Written By Tahir Kamran
Published: Sep 12, 2026, 09:18 PM IST | Updated: Sep 12, 2026, 09:32 PM IST
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नई दिल्ली में हो रहा ब्रिक्स सम्मेलन अमिट छाप छोड़ता जा रहा है. साथ ही दुनिया में शांति की पहल और दुश्मनियां भुलाने में भी अहम किरदार अदा कर रहा है. इसका असर आने वाले दिनों में रूस-यूक्रेन जंग से लेकर पश्चिम एशिया तक देखने को मिल सकता है. क्योंकि एक तरफ जहां ईरान के राष्ट्रपित मसूद पेजेशकियान और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच गर्मजोशी से मुलाकात हुई, वहीं दूसरी तरफ रूसी विदेश मंत्री ने भी नई दिल्ली से यूक्रेन के साथ बातचीत के दरवाजे खुले रहने की बात कही है.

नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स सम्मेल के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद के बीच द्विपक्षीय मुलाकात भी हुई. यह मुलाकात इसलिए चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के दौरान ईरान ने कई बार UAE पर भी हमले किए, जिनका UAE ने हमेशा विरोध किया है. दोनों ही देशों के हित कई मामलों में बेहद अलग भी हैं. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के दौरान दोनों देशों के रिश्तों में काफी कड़वाहट पैदा हो गई थी.

ईरान और यूएई के रिश्तों में दरार

यहां तक कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने UAE पर आरोप लगाया कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सीधे तौर पर शामिल था. उन्होंने UAE पर ईरान के खिलाफ हमलों की निंदा नहीं करने का भी आरोप लगाया. UAE की तरफ से लगाए गए आरोपों को लेकर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया. ऐसे हालात में अगर नई दिल्ली दोनों देशों के बीच दुश्मनी खत्म करने का जरिया बन पा रहा है तो, यह भारत के लिए बड़ी बात होगी.

घोषणापत्र में भी पश्चिम एशिया के हालात पर जताई चिंता

इसके अलावा BRICS के नई दिल्ली घोषणापत्र में भी पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताते हुए अधिकतम संयम, नागरिकों की सुरक्षा और विवादों के समाधान के लिए बातचीत-कूटनीति पर जोर दिया गया है. घोषणापत्र में समुद्री रास्तों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा को भी अहम बताया गया है. यह भारत के लिए खास तौर पर बहुत जरूरी है, क्योंकि पश्चिम एशिया का संघर्ष समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों को प्रभावित करता है. प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान और रूस के नेताओं से बातचीत में भी इस मुद्दे को उठाया.

रूस ने यूक्रेन के लिए खोला बातचीत का दरवाजा

दूसरी तरफ रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के लिए भी भारत की सरजमीन से एक अहम संदेश गया है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का बयान भी चर्चा में है. लावरोव ने कहा कि जेलेंस्की को न्योता भेजा गया है और अगर वह मिलना चाहते हैं तो उनका स्वागत है. रूस ने इसे अपनी तरफ से सद्भावना का कदम बताया है.

रूसी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया, जब रूस और यूक्रेन एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं. हाल के दिनों में अमेरिकी प्रतिनिधियों ने भी मॉस्को और कीव का दौरा कर बातचीत की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश की है.

भारत जंग खत्म करने में मदद करने को तैयार- जयशंकर

इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा था कि भारत-रूस भारत लगातार मानता रहा है कि यह युद्ध का दौर नहीं है और युद्ध के मैदान से इसका हल नहीं निकलेगा. हर गुजरते दिन के साथ मौत और तबाही बढ़ रही है. जंग खत्म करने का रास्ता रूस-यूक्रेन को खुद तलाशना होगा, लेकिन अगर भारत किसी भी तरह मदद कर सकता है तो वह इसके लिए तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी यूक्रेन यात्रा का एक अहम मकसद बातचीत और कूटनीति की संभावनाओं को तलाशना है और वह यूक्रेन की तरफ से रखे गए विचारों को आगे ले जाएंगे.

नई दिल्ली ब्रिक्स समिट अलग-अलग खेमों में बंटे देशों के बीच दुश्मनियों का कम करने वाला पुल बन गया है. हालांकि इस संदेश को औपचारिक मध्यस्थता कहना सही नहीं होगा, लेकिन संदेश साफ है कि नई दिल्ली में विरोधी हितों वाले देशों के बीच बातचीत के दरवाजे बंद नहीं हो रहे हैं. नई दिल्ली में ईरान-UAE की मुलाकात और उसी दौरान रूस की तरफ से जेलेंस्की को बातचीत का संकेत यह दिखाता है कि भारत ऐसे समय में संवाद के लिए जगह उपलब्ध कराने वाले मंच के तौर पर अपने किरदार को मजबूत कर रहा है.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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