नागपुर: पुलिसकर्मी ने कर दी डॉक्टर की पिटाई, नाराज मेडिकल एसोसिएशन बोला- एक्शन नहीं हुआ, तो आंदोलन करेंगे
नागपुर के मेयो अस्पताल में पुलिसकर्मी और उसके बेटे पर डॉक्टर के साथ मारपीट का आरोप लगा है. घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है. चिकित्सकों के संगठन का दावा है कि अगर एक्शन नहीं होता है, तो वह आंदोलन करेंगे.
नागपुर के इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (मेयो अस्पताल) से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ मारपीट हुई है. घटना 4 नवंबर (बुधवार) की है. बताया जाता है कि अस्पताल के कैजुअल्टी (इमरजेंसी) वार्ड में यह घटना उस वक्त हुई, जब एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर मरीजों को देख रहे थे.
दरअसल, चिकित्सक ने अपनी ड्यूटी के दौरान एक गंभीर रूस से बीमार मरीज को इलाज में प्राथमिकता दे दी. आरोप है कि इसी बात से नागपुर पुलिस मुख्यालय का एक कर्मचारी और उसका बेटा नाराज हो गया और चिकित्सक पर हमला कर दिया. दोनों ने मिलकर जूनिय डॉक्टर की पिटाई कर दी. पूरी घटना वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.
डॉक्टरों ने जताई नाराजगी
मेयो अस्पताल में हुई इस घटना पर महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) में भारी आक्रोश है. MARD ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. संगठन का कहना है कि इस मामले में शिकायत के बावजूद पीड़ित डॉक्टर को शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक थाने में बैठाकर रखा गया. करीब 6-7 घंटे की देरी से मामला दर्ज किया गया.
चिकित्सकों के संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद आरोपी पुलिसकर्मी और उसके बेटे पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है. इसके उलट पुलिस ने पीड़ित डॉक्टर को ही थाने में बैठा दिया और उसपर जान जोखिम में डालने का मामला दर्ज कर लिया. डॉक्टरों के संगठन ने दावा किया पुलिस अपने साथी को बचाने के लिए डॉक्टरों पर दबाव बना रही है.
डॉक्टरों ने दी प्रदर्शन की चेतावनी
इस पक्षपाती रवैये पर डॉक्टरों ने नाराजगी जताई है और अब कड़ा रुख अपनाया है. उनका कहना है कि इस मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी जाए. डॉक्टर पर दर्ज केस तुरंत वापस लिए जाएं और सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाए. डॉक्टरों ने आरोपी पुलिसकर्मी के निलंबन की मांग भी की है.
चिकित्सकों के संगठन का कहना है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानीं जाती हैं, तो वे सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं ठप कर दी जाएंगी. इसके बाद भी समाधान नहीं निकाला जाता है, तो पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन किया जाएगा.
पुलिस ने किया पक्षपात वाले आरोप से इनकार
इस पूरे मामले में तहसील थाने के इंस्पेक्टर संजय मेंढे ने पक्षपात से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं. इसी के आधार पर क्रॉस-केस दर्ज कर लिए गए हैं. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है.
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