सारी मर्यादाएं तार-तार कर दीं... खरगे के 'बाप' वाले बयान पर पटना से दिल्ली तक बवाल; क्या बोले अमित शाह?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी नेताओं ने जोरदार पलटवार किया है. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने भाषा की मर्यादा लांघ दी है. जानें इस विवाद पर बीजेपी नेताओं के बयान और पूरा मामला.
बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों राजनीति का पारा काफी चढ़ा हुआ है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने देश का सियासी पारा चढ़ा दिया है. बीजेपी ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है. सत्ता पक्ष का कहना है कि यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि कांग्रेस की उस निराशा और हताशा को दिखाता है जो लगातार चुनाव हारने की वजह से पार्टी के भीतर घर कर गई है. आइए आपको विस्तार पूर्वक बताते हैं पूरा मामला क्या है और इस पर किसने क्या कहा?
यह पूरा विवाद पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ. दरअसल, पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे. मंच से अपने संबोधन के दौरान खरगे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर हमला बोल रहे थे. इसी बीच, भाषण के दौरान भीड़ में से एक शख्स ने कांग्रेस नेता को टोकते हुए कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं.' इस बात पर खरगे भड़क गए और उन्होंने गुस्से में ऐसा बयान दे दिया, जिसने तुरंत विवाद का रूप ले लिया.
'मोदी का बाप भी जाएगा...'
खरगे ने गुस्से में कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा. चल मोदी की झूठ बोलने की आदत है.' इस बयान के आते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस शख्स की पिटाई भी कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इस शख्स का नाम संतोष कुमार है. कांग्रेस अध्यक्ष और वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसके बयान को गलत समझ लिया और मारपीट कर सभागार से बाहर निकाल दिया.
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नितिन नवीन का तीखा हमला
कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया. बिहार बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कड़ा रुख अपनाते हुए पोस्ट किया और कांग्रेस अध्यक्ष पर जमकर निशाना साधा. नितिन नवीन ने लिखा कि पटना के कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ जिस प्रकार की अमर्यादित और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह साफ-साफ कांग्रेस पार्टी के वैचारिक दिवालियापन को उजागर करता है. उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं और उनकी भी एक गरिमा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंच से किसी के दिवंगत परिजनों को इस तरह विवादों में घसीटना कांग्रेस की घटिया सोच को दर्शाता है.
बीजेपी अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि जब विपक्ष के पास देश के विकास, जरूरी नीतियों और जनता के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचता, तब वह इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेने के लिए मजबूर हो जाता है. उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता इस स्तर की राजनीति को बहुत बारीकी से देख रही है और आने वाले समय में इसका उचित जवाब जरूर देगी.
अमित शाह का कांग्रेस पर हमला
इस पूरे मामले पर देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने 'एक्स' पर लंबा पोस्ट लिखकर कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए. अमित शाह ने लिखा कि पटना में कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर जो अभद्र टिप्पणी की है, उसने सारी राजनीतिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस के बड़े नेताओं की तरफ से पीएम मोदी या उनके परिवार को निशाना बनाया गया हो.
कांग्रेस अपनी सियासी खुन्नस निकाल रही
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए एक्स पर लिखा, 'आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वर्गीय पिता जी के प्रति कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की जितनी कड़ी निंदा की जाए, कम है. लगातार चुनावी हार से हताश कांग्रेस अपनी राजनीतिक खुन्नस प्रधानमंत्री मोदी जी और उनके परिवार पर अनर्गल टिप्पणियों के माध्यम से निकाल रही है. देश और दुनिया में मोदी जी की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के अटूट विश्वास से उपजी विपक्ष की बौखलाहट अब उसकी भाषा और व्यवहार में स्पष्ट दिखाई दे रही है. 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश से चुने गए प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति ऐसी अमर्यादित बयानबाजी न केवल राजनीतिक संस्कारों की कमी दर्शाती है, बल्कि देश की जनता का भी अपमान है.'
'पीएम मोदी के माता-पिता का नाम लेकर मजाक उड़ाया'
अपने पोस्ट में गृह मंत्री ने कांग्रेस के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए लिखा कि कभी पार्टी नेताओं ने उनकी पूज्यनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, तो कभी उन्हें 'मौत का सौदागर' कहा. इसके अलावा 'चायवाला' कहकर उनकी गरीबी का भी मजाक उड़ाया गया. अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की नई सीमाएं पार कर रही है.
12 सालों से मिली चुनावी हार से बढ़ी हताशा और निराशा
पिछले 12 सालों में लगातार मिल रही चुनावी हार के कारण कांग्रेस पार्टी के अंदर हताशा और निराशा इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि अब उनके पास न तो कोई नीति बची है और न ही कोई मुद्दा. उनके पास सिर्फ 'गाली-गलौज' की राजनीति ही शेष रह गई है. उन्होंने अंत में कहा कि जनता के बीच अपना जनाधार खो चुकी कांग्रेस अब अपने कार्यकर्ताओं के बीच भी पकड़ खोती जा रही है. जब-जब उन्होंने प्रधानमंत्री या उनके परिवार पर ऐसी घृणित टिप्पणियां की हैं, तब-तब देश की जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है और इस बार भी ऐसा ही होगा.
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